लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा में जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जेआरएफ) पास स्टूडेंट्स इंट्रेंस से छूट पा सकते हैं।
वहीं राजीव गांधी नेशनल फैलोशिप व मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसी प्रतिष्ठित फैलोशिप पाने वाले स्टूडेंट्स को भी इसका लाभ मिल सकता है।
विश्वविद्यालय में सभी संकायों के डीन की बैठक में पीएचडी ऑर्डिनेंस पर चर्चा की गई। इसमें जेआरएफ के साथ-साथ इस तरह की फैलोशिप पाने वालों को भी मौका देने को कहा गया।
फिलहाल, अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है लेकिन इस प्रस्ताव को कुलपति की मंजूरी के लिए रख दिया गया है। आगे इस पर अगर कोई सकारात्मक निर्णय हुआ तो स्टूडेंट्स को फायदा होगा।
वहीं, पांच वर्ष की सरकारी व गैर सरकारी सेवा पूरा करने वाले अधिकारियों को पीएचडी एंट्रेंस से छूट देने पर दोबारा चर्चा हुई। सोमवार को इसका विरोध भी हुआ था।
अब इसमें दूसरे प्रस्ताव, जसमें पांच साल की सेवा पूरा करने वाले अधिकारी पीएचडी के लिए छुट्टी के साथ-साथ अपने लिए इस्पांसरशिप की भी व्यवस्था करें।
इस पर बैठक में कहा गया कि आखिर इस तरह तो कोई यहां पीएचडी करने नहीं आएगा।
स्पांसरशिप के लिए खुद संस्थान धन नहीं देगा। दूसरे से स्पांसरशिप लेना भी मुश्किल होता है।
ऐसे में अब इसमें संशोधन किया जाए। फिलहाल, अब एलयू में पीएचडी ऑर्डिनेंस को आगे 19 जुलाई को कार्यपरिषद के सामने रखा जाएगा।
इससे पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन डीन की बैठक में इसमें होने वाले संशोधनों पर विचार कर रहा है।
ताकि आगे कहीं कोई गड़बड़ी न हो। इस पर डीन की चर्चा बुधवार को भी जारी रहेगी।