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खुशखबरी, पीयू छात्रों को बढ़ी हुई फीस में मिली राहत

Tue, 19 Nov 2013 12:45 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाबी यूनिवर्सिटी (पीयू) में फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग के लिए तीन दिन से विरोध कर रहे छात्रों को फिलहाल पीयू प्रशासन ने राहत दे दी है।
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पीयू में इस साल दाखिला लेने वाले पहले वर्ष छात्रों से फिलहाल बढ़ी हुई फीस नहीं ली जाएगी। उन्हें वही फीस देनी होगी जो दाखिले के समय प्रास्पेक्टस में स्पष्ट की गई है।

पीयू के कुलपति की ओर से छात्रों की मांग पर विचार के लिए गठित कमेटी की सोमवार दोपहर 12 बजे हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

इस कमेटी ने फीस बढ़ोतरी का मामला फीस कमेटी को रैफर कर दिया। फीस कमेटी का जो भी फैसला होगा उसे सिंडीकेट की बैठक में रखा जाएगा और सिंडीकेट ही इस मामले में अंतिम फैसला लेगी।
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कमेटी के इस फैसले के बाद शाम को छात्रों ने अपना धरना खत्म कर दिया।

फीस बढ़ोतरी वापस लेने की मांग के समर्थन में गत शुक्रवार से छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया था।

छात्र बहाल सिंह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। रविवार को छात्रों ने शाम को सभी हॉस्टलों में जाकर इस संघर्ष में सभी विद्यार्थियों का सहयोग मांगा था।

इसका नतीजा यह रहा कि सोमवार को सुबह 10 बजे से पीयू के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी कुलपति कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे।

सुबह 11 बजे को कई विद्यार्थी अपनी कक्षाओं का बहिष्कार कर वहां पहुंच गए। छात्रों ने पीयू के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की और फीस बढ़ोतरी वापस लेने के नारे लगाए।

बैठक की मिनेट्स मिलने पर ही माने छात्र
दोपहर 12 बजे पीयू के कुलपति की ओर से डीयूआई प्रो. मधु राका की अध्यक्षता में गठित कमेटी की मीटिंग शुरू हुई। मीटिंग में छात्र कौंसिल के अध्यक्ष को भी बुलाया गया था।

कमेटी की बैठक दोपहर एक बजे खत्म हुई और इसके बाद धरने पर बैठे छात्रों को कमेटी के फैसले से अवगत कराया गया।

छात्र इस बात पर अड़े रहे कि जब तक उन्हें लिखित में बैठक में फैसला (मिनेट्स) नहीं मिलते, तब तक वह धरना जारी रखेंगे।

शाम चार बजे बैठक के मिनेट्स छात्रों को दिए गए। इसके बाद मौके पर डीन छात्र कल्याण प्रो. नवदीप गोयल ने भूख हड़ताल पर बैठे बहाल सिंह को जूस पिलाया।

सोसाइटी फॉर स्टूडेंट्स के महा सचिव सचिंदरपाल सिंह ने कहा कि उनका संघर्ष सफल रहा है। पीयू प्रशासन को सभी विभागों को इस संबंध में नोटिस भेजना चाहिए।

फीस वृद्धि के समय नहीं हुआ था विरोध
पीयू सिंडीकेट की जून में हुई बैठक में फीस बढ़ाने का फैसला लिया गया था। इसके बाद सीनेट ने भी इस फैसले को मंजूरी दे दी थी।

इस फैसले के तहत सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्सों की फीस में 20 और बाकी के कोर्सों की फीस में 10 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। उस समय किसी भी छात्र संगठन ने विरोध नहीं किया।
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नया शिक्षा सत्र शुरू होने के लगभग चार माह बाद छात्रों ने फीस बढ़ोतरी का विरोध शुरू किया। पीयू के अधिकारी इस दुविधा में हैं कि आखिरकार छात्रों को किसने भड़काया है?
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