पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन जुलाई से शुरू होने वाले नए एकेडमिक सत्र से पहले फीस बढ़ोतरी को लेकर फिर से नए सिरे से तैयारी में है। मार्च में छात्र संगठनों द्वारा फीस बढ़ोतरी के विरोध के बाद पीयू ने फीस कमेटी को नए सिरे से तैयार किया है।
इस बार कमेटी में पीयू छात्र काउंसिल प्रधान को शामिल किया गया है। जबकि पहले कमेटी ने काउंसिल सेक्रेटरी आभा शर्मा को शामिल किया था। फीस बढ़ोतरी को लेकर इसी महीने कमेटी की बैठक होने वाली है। कमेटी इस बार फीस बढ़ाने से पहले काउंसिल प्रधान का भी समर्थन लेना चाहती है, लेकिन छात्र संगठन इस मामले में प्रशासन का साथ देने के मूढ़ में नहीं लगते।
एसएफआई नेता प्रभप्रीत का कहना है कि पीयू प्रशासन बिल्ंिडग बनाने में बेवजह करोड़ों खर्च कर रही। जबकि फीस बढ़ाने से गरीब स्टूडेंट पर बोझ पड़ेगा। उधर पीयू हॉस्टल की फीस में इजाफे पर भी अभी पीयू प्रशासन कोई फैसला नहीं ले पाया है।
हॉस्टल फीस कमेटी ने कई चार्ज में बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। कालेजों के फीस स्ट्रक्चर पर कमेटी ने 20 फीसदी तक मुहर लगा दी है, लेकिन पीयू की आगामी बैठक में इसपर अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
फीस ने रोकी हैंडबुक की प्रिंटिंग पंजाब यूनिवर्सिटी हर साल नए सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को सभी कोर्स और उनकी फीस को लेकर हैंडबुक तैयार करती है। पहली बार पीयू कैंपस में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए हैंडबुक में कोर्स से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी और फीस स्ट्रक्चर भी दिया होता है, लेकिन इस बार अभी तक फीस पर फैसला नहीं होने से हैंडबुक की प्रिंटिंग का काम अधर में लटका हुआ है।
कोट्स
मुझे फीस कमेटी में शामिल करने की जानकारी मिली है, लेकिन पीयू प्रशासन की ओर से बैठक होने की कोई चिट्ठी नहीं मिली। काउंसिल फीस बढ़ोतरी का विरोध करेगी। फीस बढ़ने से गरीब स्टूडेंट के लिए पीयू कैंपस में दाखिला ओर भी मुश्किल हो जाएगा।
चंदन राणा (प्रेसिडेंट पीयू स्टूडेंट काउंसिल)