किसी भी संस्थान या अभिभावक के जीवन में ऐसा भावुक क्षण शायद न पहले आया होगा और ईश्वर करे कि न भविष्य में कभी आए। यह पल था आईआईएम काशीपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मंगलवार को स्व भरत बंसल का स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रबंधन की उपलब्धि का सिल्वर मेडल उनके पिता मनमोहन बंसल को सौंपना।
होनहार भरत की इसी जनवरी में मोटरसाइकिल दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। श्री बंसल ने मंच पर अपने स्वर्गीय बेटे का मेडल स्वीकार किया तो तालियों तो बजीं, लेकिन गले रुंध गए और आंखें डबडबा आईं।
सड़क पर व्याप्त अराजकता ने इस मेधावी छात्र को हमसे 31 जनवरी को छीन लिया। उस दिन तड़के भरत हॉस्टल नंबर एक से दो को जा रहा था कि उसकी बाइक सड़क पर खडे़ ट्रक से टकरा गई। गंभीर रूप से घायल भरत की बाद में मृत्यु हो गई।
मंगलवार को दीक्षांत समारोह में मनमोहन बंसल जब अपने बेटे की उपाधि लेने मंच पर पहुंचे तो अपने आंसू नहीं रोक पाए और रो पड़े। संस्थान के डायरेक्टर ध्रुव साहनी के लिए भी ये बेहद भारी क्षण थे। वह भी अपने जज्बात जब्त नहीं कर सके और आंखें भीग ही गईं। सारा आडिटोरियम तालियों और दुख के बीच ‘फ्रीज’ सा हो गया।