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गर्ल स्टूडेंट्स के लिए पीयू का बड़ा तोहफा

Mon, 27 Oct 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी और एफिलिएटेड कालेजों में अगले सत्र से सभी संकायों में प्रति यूनिट गर्ल चाइल्ड कोटे के तहत दो अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। रविवार को पीयू सिंडीकेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सर्व सम्मति से मुहर लग गई।
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जानकारी के अनुसार पीयू और कालेजों के सभी संकायों में अब प्रति यूनिट दो और अधिकतम 4 सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित होंगी। पीयू में पहले से ही सिंगल गर्ल चाइल्ड कैटेगरी के तहत दो सीटें रिजर्व हैं।

नई आरक्षित सीटों के तहत जिस अभिभावक की दो बेटियां होंगी उनमें से एक को इस कोटे का लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर किसी कालेज में किसी विषय में चार यूनिट होने पर वहां सिर्फ चार लड़कियों को ही गर्ल  कैटेगरी में दाखिला मिल सकेगा।
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स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए ढीली होगी जेब

रविवार को करीब 4.30 घंटे चली सिंडीकेट में करीब 33 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकतर प्रस्तावों पर सहमति बन गई। कुछ मामलों में बहस भी हुई। सिंडीकेट की अगली बैठक 22 नवंबर के लिए निर्धारित की गई है।

सिंडीकेट ने कम्युनिटी कालेजों में नए कोर्स, सीटें निर्धारित करने को मंजूरी दे दी है। बैठक में पीयू स्थित कम्यूनिटी सेंटर के प्रयोग के लिए रेंट में 20 फीसदी तक इजाफे के प्रस्ताव को पास कर दिया है।

कम्युनिटी सेंटर का प्रयोग करने के लिए बाहरी लोगों को 25 हजार फीस देनी होगी। बैठक में यूसोल की पूर्व चेयरपर्सन प्रो. संतोष कुमारी शर्मा द्वारा सेमिनार के लिए 1 लाख से अधिक बजट खर्च करने के मामले में सिंडीकेट बैठक में काफी देर हंगामा हुआ।

अब 4 साल में मिलेगी बीई-एमबीए डिग्री

पीयू सिंडीकेट ने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई)-एमबीए पांच वर्षीय कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है।

सिंडीकेट ने अब चार साल में ही इंजीनियरिंग की अलग से डिग्री देने का फैसला किया है। लेकिन बीई डिग्री चार साल में पाने के लिए विद्यार्थियों को चार साल में सभी सेमेस्टर की परीक्षाएं क्लीयर करनी होंगी।

गौरतलब है कि इस मामले को लेकर एनएसयूआई और पीयू स्टूडेंट काउंसिल ने काफी हंगामा किया था। विद्यार्थियों की शिकायत थी की इस कोर्स से नौकरी पाने में विद्यार्थियों को काफी दिक्कत आती है।

हेडशिप रोटेशन सिस्टम पर मुहर

पीयू के सभी इंस्टीट्यूट और सेंटर के हेड (डायरेक्टर) निर्धारित समय के बाद बदले जाएंगे। रविवार को पीयू सिंडीकेट ने करीब 20 इंस्टीट्यूट और विभिन्न रिसर्च सेंटर में हेडशिप रोटेशन सिस्टम लागू करने पर मुहर लगा दी है।

पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर जल्द ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर देंगे। पीयू कैंपस में हेडशिप रोटेशन पर करीब दो साल से विवाद चल रहा है।

पीयू के आर्ट्स और साइंस विभागों में हर 3 साल के बाद नए चेयरपर्सन की नियुक्ति की जाती है। लेकिन इंस्टीट्यूट और विभिन्न सेंटर में डायरेक्टर पद पर नियुक्ति स्थायी होती है।

सिंडीकेट बैठक में हेडशिप रोटेशन पर चतरथ और गोयल ग्रुप के अलग-अलग तर्क थे। एक ग्रुप पीयू के सिर्फ चुनिंदा इंस्टीट्यूट जैसे यूआईईटी, डेंटल कालेज और यूआईएलएस में ही हेडशिप रोटेशन लागू करने का समर्थन कर रहा था।

सिंडीकेट के अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया। काफी देर तक मामले पर बैठक में हंगामा होता रहा। आखिर में पीयू कुलपति के हस्तक्षेप के बाद सभी इंस्टीट्यूट और सेंटर में एक साथ हेडशिप रोटेशन सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया।

इन प्रस्तावों को मिली सहमति और मंजूरी

- पीयू में स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए फीस बढ़ाई
- नोबल पुरस्कार पाने वाले कैलाश सत्यार्थी को मानद उपाधि
- पीयू स्थित होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का नाम अब यूआईएचटीएम करने और 2015 सत्र से दो नए कोर्स शुरू करने
- शास्त्री कोर्स में सेमेस्टर सिस्टम लागू करने
- पीयू स्टाफ क्लब के लिए करीब 6 लाख की लागत से 6 एसी, 50 कुर्सियां और जिम बनाने
- बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा मेघा की मौत के कारण अभिभावकों को फीस लौटाने
- पीयू पब्लिकेशन ब्यूरो के दफ्तर की रेनोवेशन के लिए 1.50 लाख बजट
- प्राइवेट कालेजों द्वारा कांट्रेक्ट शिक्षकों को कम वेतन देने पर एफिलिएशन रद्द करना
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इन मामलों पर नहीं बनी सहमित

- सोशोलॉजी और फिजिक्स विभाग में नियुक्तियों के मामले में 6 सदस्यों की कमेटी गठित कर दी है। स्क्रीनिंग कमेटी की रिपोर्ट पर यह कमेटी अपने कमेंट देगी।
 - सेक्टर-26 होम्योपैथी मेडिक कालेज एंड हास्पिटल में इंटरनल प्रमोशन मामले को विचार के लिए टाल दिया।
- डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज में एमफिल की 10 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव नए सिरे से सिंडीकेट में लाया जाएगा।
-पीयू के लॉ विभाग में नियुक्तियों के मामले पर विचार नहीं किया गया, प्रस्ताव को अगली सिंडीकेट में लाया जाएगा।
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