उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की 1100 सीटों पर 7500 छात्रों की दावेदारी है।
यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) के तहत चल रही अतिरिक्त काउंसलिंग में सीट पाने का सोमवार को अंतिम मौका है। विवि ने छात्रों को च्वाइस फिलिंग के लिए एक अतिरिक्त दिन का समय दे दिया है।
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यूपीएसईई की काउंसलिंग में पांचवां और अंतिम चरण चल रहा है। इसमें सिर्फ सरकारी कॉलेजों के लिए काउंसलिंग कराई जा रही है, जिसमें बीटेक की 800 सीट और एमबीए व अन्य कोर्सों की 300 सीट खाली हैं। इसमें सीट चुनने के लिए 7500 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है।
दाखिला ले चुके छात्र सरकारी कॉलेज पाने का मौका नहीं गंवाना चाहते। पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत इन छात्रों को 10 अगस्त तक च्वाइस फिलिंग पूरी करनी थी लेकिन यूपीटीयू ने छात्रों को एक और दिन दिया है।
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यूपीएसईई के कॉर्डिनेटर प्रो. जगबीर सिंह ने बताया कि 11 अगस्त तक के लिए च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है। 12 अगस्त शाम तक सीट अलॉटमेंट के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। छात्र 14 अगस्त तक संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट कर अपनी सीट पक्की कर सकते हैं। इसके बाद एसईई काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया खत्म हो जाएगी।
कॉलेज का नुकसान
सरकारी कॉलेजों में बीटेक की 800 सीट खाली होने का असर सीधा-सीधा निजी कॉलेजों पर पड़ेगा। मुख्य काउंसलिंग से सीट अलॉट कराते हुए दाखिले ले चुके छात्र इस प्रक्रिया में अपनी सीट अपग्रेड कराएंगे। आशंका जताई जा रही है कि निजी कॉलेजों के सैकड़ों छात्र ट्रांसफर ले सकते हैं। इससे छात्रों का फायदा और कॉलेजों का नुकसान होगा।