बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी (बीबीएयू) में नए शैक्षिक सत्र से स्टूडेंट्स को ख्याति प्राप्त एक्सपर्ट टीचर्स से पढ़ने का मौका मिलेगा।
इससे न सिर्फ क्वालिटी एजूकेशन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अभी विभागों में पढ़ा रहे जूनियर टीचर्स को भी उनके एक्सपीरियंस का लाभ मिलेगा।
सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने यहां जरूरत के अनुसार विजिटिंग, एडजंक्ट और एमरेट्स प्रोफेसर रखने के लिए प्रस्ताव भेजें।
बीबीएयू प्रशासन का कहना है कि विभिन्न विषयों में जब एक्सपर्ट टीचर आकर क्लास लेंगे तो स्टूडेंट्स को अच्छे ढंग से नॉलेज मिलेगा।
वह पाठ को और बेहतर ढंग से समझ सकेंगे और उन्हें अपने चैप्टर से जुड़ी तमाम अन्य जानकारियां भी मिलेंगी।
विजिटिंग, एडजंक्ट प्रोफेसर के लिए अच्छे इंस्टीट्यूट्स व यूनिवर्सिटीज में पढ़ा रहे ख्याति प्राप्त टीचर्स की लिस्ट बनाने का काम विभागों में किया जा रहा है।
वहीं, एमरेट्स प्रोफेसर के लिए उन शिक्षकों को जो बीबीएयू से रिटायर हो चुके हैं, उन्हें मौका दिया जाएगा।
बीबीएयू प्रशासन का कहना है कि इन सभी शिक्षकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बोर्ड ऑफ स्टडीज में इंडस्ट्री के एक्सपर्ट को शामिल करने का फैसला लिया है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोर्स कॅरिकुलम को डिजाइन करते समय इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार उसे तैयार किया जा सकेगा।
वहीं, प्लेसमेंट सेल में भी इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट शामिल होंगे। उनकी देखरेख में ही प्लेसमेंट सेल चलाया जाएगा।
वह बीबीएयू प्रशासन को बताएंगे कि कौन-कौन से जरूरी उपाय किए जाएं, जिससे स्टूडेंट्स को बेहतर ढंग से प्लेसमेंट मिल सके।
स्टूडेंट्स की पर्सनॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग दी जाए, यह भी बताया जाएगा।
फिलहाल, नए शैक्षिक सत्र से बीबीएयू में स्टूडेंट्स को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बीबीएयू के प्रवक्ता डॉ. गोविंद जी पांडेय का कहना है कि बाहर के विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई करवाकर हम स्टूडेंट्स को और बेहतर ढंग से टीचिंग करवाएंगे।
न सिर्फ स्टूडेंट, बल्कि जूनियर टीचर भी एक्सपर्ट के कैंपस आने से लाभन्वित होंगे। उन्होंने बताया कि कितने एक्सपर्ट रखे जाएंगे, इसकी कोई संख्या अभी तय नहीं है।
विभागों के प्रस्ताव के आधार पर इन एक्सपर्ट को पढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी बुलाया जाएगा।
बीबीएयू में खुलेगा एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज
बीबीएयू में एकेडमिक स्टॉफ कॉलेज खोले जाने पर विचार किया जा रहा है।
इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन यूजीसी को प्रस्ताव भेज रहा है। इसका मकसद यह है कि यूनिवर्सिटी में टीचर्स की ट्रेनिंग बेहतर ढंग से हो सके।
उन्हें तरह-तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से अपडेट किया जा सके। दरअसल, बीबीएयू प्रशासन इस समय राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन करवाने जा रहा है।
उसका मकसद यह है कि यूनिवर्सिटी को अच्छा ग्रेड मिलें।