नौकरी के साथ अगर शिक्षा भी मिल जाए तो और क्या चाहिए। दिनभर दफ्तर में काम किया और शाम को कक्षाएं लगाकर आप उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं। राजधानी शिमला में यह सुविधा कामकाजी लोगों को शहर के बीच माल रोड पर स्थित हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट फॉर इवनिंग स्टडीज (इवनिंग कॉलेज) में उपलब्ध है। यूजी कक्षाओं के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कॉलेज में जगह के अभाव और अलग-अलग मेजर विषय शुरू करना अभी मुश्किल हो रहा है। लेकिन इतिहास और राजनीति शास्त्र दो मेजर विषयों के साथ लोग यहां डिग्री हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कामर्स मेजर में भी प्रवेश दिया जाता है। जगह और भवन के अभाव के चलते ग्यारह सौ छात्रों वाले इस कॉलेज में अब छात्रों की संख्या जरूर घटी है। लेकिन कामकाजी लोगों के लिए यह बड़ी सुविधा है।
यूजी कोर्स में सिर्फ तीन ही मेजर विषय पढ़ाए जा रहे हैं। इसमें च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम में विषय चुनने के लिए तीन ही सब्जेक्ट उपलब्ध हैं। इसके अलावा कॉलेज में पीजी कक्षाओं के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। जुलाई में प्रवेश प्रक्रिया पूरी होगी।
रात को मिलते हैं यहां दाखिले- प्राचार्य प्रो. मंजू बाली ने कहा कि कॉलेज में वर्तमान में करीब दो सौ से अधिक प्रोस्पेक्टस बिक चुके हैं। बीस जून तक आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि है। शाम को 5:40 से लेकर रात नौ बजे तक कॉलेज में इन दिनों प्रवेश की प्रक्रि या चलाई जा रही है। कॉलेज में अलग अलग विषयों की काउंसलिंग कमेटियां छात्रों को गाइड करने का कार्य कर रही हैं। कहा कि छात्र मेजर और अन्य विषयों को चुनने से पूर्व काउंसिलंग कमेटियों से जरूर रॉय लें, ताकि आवेदन फार्म भरने में कोई गलती न रहे।
52 साल से चल रहा है इवनिंग कालेज- 52 साल से चल रहे इवनिंग कॉलेज में शहर की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सरकारी नौकरी करने वालों के लिए उच्च शिक्षा सुविधा देने में कॉलेज महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यहां से पढ़कर गए छात्र सरकारी और निजी क्षेत्र में उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं। कॉलेज में यूजी और पीजी दोनों डिग्री कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं, जिसमें चार पीजी डिग्री कोर्स शामिल हैं।
किस मेजर विषय में कितनी सीटें- रूसा सीबीसीएस यूजी डिग्री कोर्स में कॉलेज में कामर्स, इतिहास और राजनीति शास्त्र में 60-60 सीटें प्रति विषय तय हैं। इन सीटों पर मेरिट के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा जुलाई में होने वाली पीजी डिग्री कोर्स में एमकॉम की 40, हिंदी और इंग्लिश एमए तथा एमए अर्थशास्त्र में 40 सीटें ही भरी जाती हैं। इसमें मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
मेजर विषय भी शुरू किए जाएंगे- कॉलेज की कक्षाएं लगाने को क्लास रूम और रैग्यूलर स्टाफ कम होने से यूजी डिग्री कोर्स में अन्य मेजर विषय शुरू नहीं हो पा रहे हैं। सालों से कॉलेज प्रशासन परिसर में चल रहे राज्य पुस्तकालय को शिफ्ट करने की मांग उठाता आ रहा है। यदि पुस्तकालय कहीं और शिफ्ट होता है तो कॉलेज को चार अतिरिक्त बड़े हॉल मिलेंगे जिसके दो-दो क्लास रूम बनकर तथा मेजर विषय भी चलाए जा सकते हैं।