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एलयू में अब स्टूडेंट्स कर सकेंगे इवोल्यूशन को चैलेंज

Fri, 19 Dec 2014 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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कॉपी जांचने में लापरवाही लखनऊ विश्वविद्यालय में गुरुजी को अब भारी पड़ सकती है। एलयू जल्द ही चैलेंज इवोल्यूशन व्यवस्था लागू करने वाला है। एग्जामिनेशन में मिले नंबर से असंतुष्ट होने पर स्टूडेंट्स कॉपी दोबारा जंचवा सकेंगे। अभी लखनऊ विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिका दिखाने की व्यवस्था तो है लेकिन गड़बड़ी होने की सूरत में कॉपी दोबारा जंचवाई नहीं जा सकती है।
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स्टूडेंट्स काफी दिनों से चैलेंज इवोल्यूशन की मांग उठा रहे थे। विश्वविद्यालय ने एग्जामिनेशन रिफॉर्म कमेटी में इस प्रस्ताव को शामिल किया है। प्रस्ताव पर मुहर लगते ही विश्वविद्यालय में चैलेंज इवोल्यूशन की व्यवस्था लागू हो जाएगी। प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था पहले साल केवल प्रोफेशनल कोर्सेज में लागू होगी।

लखनऊ विश्वविद्यालय परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर मजबूत कदम उठा रहा है। विश्वविद्यालय का परीक्षाफल जारी होने पर हर साल काफी संख्या में स्टूडेंट्स कॉपी जांचने में लापरवाही का आरोप लगाते हैं। लखनऊ में काफी पहले से स्क्रूटिनी की व्यवस्था लागू है।
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स्क्रूटिनी में सिर्फ अंकों का योग जांचते थे

स्क्रूटिनी व्यवस्था में उत्तर पुस्तिका दोबारा देखी जाती है लेकिन उसमें केवल अंकों का योग ही जांचा जाता है। हां, अगर उत्तर पुस्तिका में कोई सवाल जांचने से छूट गया है तो उसका मूल्यांकन करवाया जाता है। यह प्रक्रिया स्टूडेंट्स के सामने नहीं होती है।

मतलब स्टूडेंट्स को पता नहीं चल पाता था कि उसकी कॉपी ढंग से जांची गइ है या नहीं। दो साल पहले इसी को लेकर स्टूडेंट्स ने काफी हंगामा व धरना-प्रदर्शन किया था। हंगामे के बाद लविवि प्रशासन ने स्टूडेंट्स को आरटीआई के तहत कॉपी दिखाने की शुरुआत की थी।

इसका भी विशेष फायदा देखने को नहीं मिला। उत्तर पुस्तिका में शिक्षक की लापरवाही दिखने के बावजूद उसका दोबारा मूल्यांकन नहीं किया जाता है। तब से लेकर बराबर चैलेंज इवोल्यूशन की मांग उठ रही थी।

लविवि कुलपति प्रो. एस बी निमसे के निर्देश पर बनाई गई एग्जामिनेशन रिफॉर्म कमेटी में इसका प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के अनुसार अगर स्टूडेंट अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं है तो वो कॉपी जांचने के लिए दोबारा आवेदन कर सकता है।

इसके लिए उसे निर्धारित फीस जमा करनी होगी। दोबारा मूल्यांकन में अगर गलत कॉपी जांचने की बात साबित हुई तो स्टूडेंट्स द्वारा जमा की गई फीस वापस हो जाएगी। शुरुआती दिनों में यह व्यवस्था प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए लागू की जाएगी। अच्छे परिणाम मिलने पर बाद में सभी पाठ्यक्रमों पर लागू होगी।
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