टोरंटो की फ्लाइट के लिए शिक्षा विभाग के पांच सौ से भी ज्यादा टीचरों ने दिलचस्पी दिखाई है। शिक्षा विभाग पहली बार सरकारी अध्यापकों के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो, कनाडा में टीचर डेवलपमेंट प्रोग्राम करा रहा है। यह चार हफ्ते का कार्यक्रम है, इसका सारा खर्च शिक्षा विभाग उठाएगा। इसमें हिस्सा लेने के लिए टीचरों केबीच कड़ी जंग होने वाली है, क्योंकि सिर्फ 50 टीचर ही टोरंटो जाएंगे।
प्रोग्राम में सरकारी प्राइमरी, मिडल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के टीचर हिस्सा ले सकते हैं। सूबे भर से 521 टीचरों ने प्रोग्राम केलिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। विभाग ने प्रोग्राम में शामिल करने के लिए काफी कड़ी शर्तें रखी हैं। टोरंटो जाने के लिए आइलेट्स में 6.5 बैंड या टीओईएफएल में 79-93 प्वाइंट्स होने जरूरी हैं।
यह परीक्षा अपने खर्च पर पास करेंगे और इसका सबूत उन्हें दस जुलाई तक विभाग को देना होगा। इसके बाद ही उनके नाम पर विचार होगा। यह शर्त भी है कि उम्मीदवार केपास कम से कम दस साल का तजुर्बा होना चाहिए, साथ ही सेवा काल भी दस साल बचा होना चाहिए।
पांच साल तक करनी होगी नौकरी
शिक्षा विभाग ने यह भी एहतियात बरती है कि कोर्स करने के बाद कोई टीचर नौकरी न छोड़ जाए। कोर्स का सारा खर्च सरकार उठाएगी। पर कोर्स में हिस्सा लेने वाले टीचर पांच साल से पहले इस्तीफा नहीं दे सकेंगे।
अगर वे ऐसा करते हैं तो टोरंटो दौरे में उन पर हुआ खर्च उन्हें विभाग को देना होगा। इस संबंध में विभाग पहले टीचरों से इकरारनामा कराएगा। कोर्स करने के बाद टीचर अपनी ही संस्था में तैनात होंगे। पर टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम में बतौर रिसोर्स पर्सन उनकी सेवा ली जा सकेगी।