हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का पूरा कैंपस ई-सर्विलेंस के दायरे में लाने की कवायद शुरू हो गई है। लाखों के इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक और अन्य अधिकारियों के कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मुख्य गेट, पुस्तकालय के बाहर भी कैमरा लगाए जाने हैं। इसके अलावा ई- सर्विलेंस के दायरे में आने वाले समय में विवि के सभी छात्रावास को लाने की भी योजना है। कैमरा लग जाने से आए दिन विवि में होने वाले धरने प्रदर्शनों की रिकार्डिंग और मानीटरिंग होगी, वहीं परिसर में होने वाली हर हलचल पर प्रशासन और सुरक्षा अधिकारी की नजर रहेगी।
इन सभी कैमरा का कंट्रोल विवि के सुरक्षा अधिकारी के कार्यालय में होगा। जहां बैठकर सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी बराबर पूरे कैंपस पर केमरा के माध्यम से नजर रख सकेंगे। इन कैमरा से विवि के प्रशासनिक भवन की गतिविधि पर निगरानी बढ़ेगी।
बायोमीट्रिक से लेटलतीफों पर कसेगा शिकंजा- विश्वविद्यालय के करीब 15 से 18 सौ कर्मचारियों की हाजिरी अब रजिस्टर के बजाय बायोमीट्रिक से लगाकर संस्थान में कॉरपोरेट कल्चर अपनाने की तैयारी की जा रही है। मशीनें लग जाने पर अब सालों से देरी से और मनमर्जी से कार्यालय आने जाने वाले कर्मचारियों को भी समय का पाबंद होना पड़ेगा।
मशीनों को स्थापित कर उससे हाजिरी लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पूरे कैंपस में कम से कम खर्च में अधिक से अधिक कर्मियों को हाजिरी लगाने को कवर करने को स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं। खरीद की प्रक्रिया शुरू हुई है, जैसे ही मशीनें पहुंचेगी, उसे स्थापित करना शुरू कर दिया जाएगा।
कैमरा और बायोमीट्रिक लगाने की प्रक्रिया जारी- विवि के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने माना कि सुरक्षा के मद्देनजर सीसी टीवी कैमरा लगाने का कार्य शुरू किया गया है। पहले चरण में नौ कैमरे लग रहे है। उन्होंने कहा कि बायोमीट्रिक मशीनों की खरीद और मशीनें स्थापित किए जाने को टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द से जल्द इन दोनों कार्यों को किया जाएगा।