देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में रविवार को एलएलबी की प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र वट्स एप से आउट कर दिया गया। लेकिन कॉलेज प्रबंधन को इसकी हवा तक नहीं लगी। अमर उजाला के पास इसके पक्के सबूत मौजूद हैं।
वट्स एप से कितने बजे पेपर बाहर आया और कब जवाब भेजा गया, सभी का रिकॉर्ड मौजूद है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उसने पूरी चेकिंग के बाद ही छात्रों को परीक्षा में बैठने दिया था।
कोई भी छात्र मोबाइल लेकर अंदर नहीं जा पाया था। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सही ढंग से चेकिंग की गई थी तो किसी के पास मोबाइल कैसे चला गया?
वट्स एप पर पूरा पेपर लेकर घूम रहा एक छात्र अमर उजाला संवाददाता को कॉलेज के बाहर मिला और अपनी पहचान छिपाने की शर्त पर उसने पूरा पेपर उपलब्ध करा दिया। 11:02 बजे के बाद से धीरे-धीरे पेपर के एक-एक पृष्ठ को वट्स एप से बाहर भेजा गया था। दूसरी ओर से किसी विशेषज्ञ ने पेपर के सवालों का जवाब वट्स एप से ही भेजे।
11:02 बजे पर बाहर आया पेपर
सबसे पहले पेपर का फोटो वट्स एप से 11:02 बजे बाहर आया। इसकी तस्वीर धुंधली होने की वजह से सवाल पढ़ने में नहीं आ रहे थे। जिसके पास तस्वीर आई थी, उसने लिखकर भेजा कि फोटो साफ नहीं है, दोबारा भेज। परीक्षा दे रहे छात्र ने दोबारा प्रश्नपत्र की कॉपी भेजी। इसके बाद इसका जवाब भेजा गया।
हमने कॉलेज का गेट बंद कर प्रश्नपत्र आवंटित किया था। सभी छात्रों की चेकिंग की गई थी। इसकी वजह से परीक्षा लेट भी हो गई। हमारी ओर से पूरी सावधानी बरती गई थी। कॉलेज के दोनों गेट पर सख्ती की गई थी।
- डा. कौशल कुमार, चीफ प्रॉक्टर, डीएवी कॉलेज
नकल की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। हमने पूरी चेकिंग की थी। हो सकता है कि कोई छात्र मोबाइल लेकर चला गया हो। अगर किसी छात्र का नाम सामने आता है तो हम उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
- डा. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज
विवादों का पुराना साथ
डीएवी कॉलेज में विवादों और एलएलबी प्रवेश परीक्षा का चोली दामन का साथ रहा है। पूर्व प्राचार्य डा.बीएल नौटियाल के कार्यकाल में उसी एजेंसी को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे कॉलेज पहले ब्लैक लिस्ट कर चुका था।
बवाल हुआ, जांच समिति बनी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2011 में भी एलएलबी की प्रवेश परीक्षा के दौरान एक छात्र प्रश्न पत्र बाहर लेकर आ गया था। पेपर आउट होने पर जमकर बवाल हुआ, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। जांच समिति की रिपोर्ट आज तक कागजों में धूल फांक रही है।
फॉर्म निरस्त करने पर हंगामा
डीएवी कॉलेज में परीक्षा के दौरान फॉर्म रिजेक्ट होने पर हंगामा हो गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने उनका फॉर्म जानबूझकर रिजेक्ट कर दिया। ऐसे कई छात्रों के फॉर्म बाद में कॉलेज प्रशासन ने अपनी गलती मानते हुए स्वीकार भी किए।
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