दिल्ली विश्वविद्यालय में इस शैक्षणिक सत्र से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) के लिए भी दाखिला प्रक्रिया केंद्रीयकृत होने जा रही है। आवेदन ऑनलाइन ही होंगे। विभिन्न फैकल्टी अपने विभागों के आधार पर प्रॉस्पेक्टस भी आवेदकों को ऑनलाइन ही उपलब्ध कराएंगे।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एक मार्च से 10 अप्रैल तक चलेगी। प्रवेश परीक्षाएं केंद्रीयकृत ढंग से एक से 30 जून के बीच होंगी। डिप्टी रजिस्ट्रार एकेडमिक रामदत्त के मुताबिक, पीजी की दाखिला प्रक्रिया को केंद्रीयकृत, स्टूडेंट फ्रेंडली और पारदर्शी बनाया गया है। पूरी दाखिला प्रक्रिया पेपरलेस कर दी गई है।
सामान्य और ओबीसी श्रेणी के आवेदकों को 500 रुपये शुल्क चुकाने होंगे। वहीं अनुसूचित जाति-जनजाति और अशक्त श्रेणी के छात्रों के लिए 250 रुपये निर्धारित किया गया है। पोस्ट ग्रेजुएशन (एमए) में पचास फीसदी सीटें डीयू के छात्रों के लिए और शेष 50 फीसदी सीटें बाहरी छात्रों के लिए होंगी। जिसके तहत डीयू से ग्रेजुएशन कर चुके छात्रों का एडमिशन मेरिट के आधार पर होगा।
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वहीं बाहरी विश्वविद्यालय के आवेदकों को प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा। यदि डीयू के छात्रों के लिए निर्धारित सीटें बच जाती हैं तो उन्हें प्रवेश परीक्षा के जरिए ही भरा जाएगा। डीयू और बाहरी छात्रों के लिए निर्धारित दोनों ही वर्गों में अलग-अलग आरक्षण की व्यवस्था होगी।
इसके लिए विभाग पहले ही इसकी जानकारी देंगे कि उनके यहां कितनी सीटें (सामान्य और कोटे की) हैं। इसके साथ ही अशक्त कोटे और सैन्य कर्मियों के परिवार को मिलने वाले कोटे की जानकारी भी बताएंगे। विभाग फैकल्टी के जरिए ही पोर्टल पर अपने प्रॉस्पेक्टस उपलब्ध कराएंगे। जिससे छात्र सीटों, उपलब्ध पाठ्यक्रम और अन्य जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
इसके साथ ही विभागों को दाखिले के लिए निर्धारित अतिरिक्त अनिवार्यता की जानकारी पहले देनी होगी। दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए परीक्षा विभाग प्रवेश परीक्षा के प्रारूप और परीक्षा की तिथियों पर नजर रखेगा।