दिल्ली विश्वविद्यालय में चुनाव के लिए चल रहा प्रचार बुधवार को खत्म हो गया। सभी छात्र संगठनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार का असर ऐसा रहा कि कैंपस में काफी भीड़ रही। अनहोनी की आशंका से पुलिस का भी काफी इंतजाम था। प्रचार के कारण पूरा कैंपस पोस्टर और पैंम्फलेट से पटा पड़ा था, हालांकि प्रचार खत्म होने के साथ ही संगठनों में कड़े मुकाबले की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
उम्मीदवारों ने प्रचार के आखिरी दिन चैन की सांस लिए बगैर एक कैंपस से दूसरे कैंपस के बीच खूब भागदौड़ की। वहीं, संगठन पदों पर जीत का आकलन करने में जुट गए है। एबीवीपी और एनएसयूआई, सीवाईएसएस, आइसा सभी चारों पदों पर जीत का दावा कर रहे हैं। लेकिन संगठन अंदर-अंदर पदों पर हार जीत की गणना करने में लगे हैं।
एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सतेंद्र अवाना को एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रदीप विजयरन से टक्कर मिल रही है। वहीं, एबीवीपी अन्य तीनों सीट पर एकतरफा जीत का दावा कर रही है। एबीवीपी सूत्रों के मुताबिक पहले सचिव पद पर भी एनएसयूआई से टक्कर थी लेकिन एनएसयूआई के बागी अमित चौधरी के मैदान में डटे रहने के कारण एनएसयूआई के सचिव पद के उम्मीदवार अमित सेहरावत के वोट कटते दिख रहे हैं, जिसका फायदा सीधे तौर पर एबीवीपी की सचिव पद की उम्मीदवार अंजलि राणा को हो रहा है।
कहा जा रहा है कि इस बार मुकाबला फिर से एनएसयूआई व एबीवीपी के बीच ही है। वैसे सीवाईएसएस भी अधिकांश सीटों पर जीत का दावा कर रही है, जबकि आइसा भी हार मानने को तैयार नहीं है।
वहीं एनएसयूआई भी चारों सीटों पर जीतने का दावा कर रही है लेकिन अध्यक्ष व सचिव पद पर जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। एनएसयूआई सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष उम्मीदवार प्रदीप विजयरन और सचिव पद केउम्मीदवार अमित सेहरावत दोनों की ही काफी मजबूत स्थिति है।