नई दिल्ली के डीयू में दो जून से शुरू होने जा रही दाखिलों की रेस के लिए भले ही आवेदन सेंट्रलाइज्ड तरीके से किए जा रहे हों लेकिन कॉलेजों में स्पोर्ट्स व ईसीए (एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी) में दाखिला प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड नहीं होगी।
ईसीए व स्पोर्ट्स कोटे के जरिए दाखिला लेने के लिए छात्रों को सेंट्रलाइज्ड प्री एडमिशन ओएमआर फॉर्म भरने के अलावा प्रत्येक कॉलेज में जाकर आवेदन करना होगा।
डीयू अधिकारियों के अनुसार छात्र-छात्राओं को यह ध्यान रखना होगा कि वे डीयू के साथ-साथ कॉलेजों के फॉर्म जरूर भरें। तभी वे स्पोर्ट्स और ईसीए कोटा के आधार पर डीयू में दाखिला पा सकेंगे।
डीयू में खेलकूद और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों (ईसीए) के लिए 5 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। ये सभी सीटें विभिन्न खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रतिभावान छात्रों को आवंटित की जाती हैं।
लगभग सभी कॉलेज स्पोर्ट्स और ईसीए के दाखिलों के लिए अपने अलग फॉर्म जारी करते हैं। इन सभी कॉलेजों में ईसीए की दाखिला प्रक्रिया अलग होती है।
कुछ कॉलेज पहले सर्टिफिकेट के आधार पर छात्रों को शॉर्टलिस्ट करते हैं और बाद में ट्रायल के आधार पर दाखिला देते हैं। जबकि कुछ कॉलेज सीधे ट्रायल के आधार पर ही दाखिला देते हैं।
इन श्रेणियों के दाखिले के लिए परफार्मेंस को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। लिहाजा छात्रों को अच्छी तैयारी के साथ आवेदन करना होगा।
मालूम हो कि बीते साल ही डीयू स्पोर्ट्स काउंसिल ने शतरंज, शूटिंग व तीरंदाजी के खेल कोटे से दाखिला आवेदन करने वाले छात्रों को तीन में एक टेस्ट क्वालीफाई करना जरूरी कर दिया था। बाकी खेलों में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को तीन में से दो टेस्ट पास करने थे।
इस बार अलग ओएमआर
इस बार डीयू केओएमआर आवेदन फॉर्म में बदलाव देखने को मिलेगा। फॉर्म में एक बार फिर से कॉलेज केकॉलम को जोड़ दिया गया है। बीते साल फॉर्म में छात्रों को केवल कोर्स के विकल्प को ही भरना था, और कट ऑफ आने के बाद किसी भी कॉलेज में दाखिला लिया जा सकता था। बीते साल फॉर्म में कॉलेज का विकल्प नहीं होने से कॉलेजों को परेशानी हुई थी। कॉलेज यह अनुमान नहीं लगा सके कि कितने छात्र कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। इसके कारण कॉलेजों में तय सीटों से अधिक दाखिले हो गए। लिहाजा इस साल ऐसी परेशानी न हो इसके लिए कॉलेज केविकल्प को फॉर्म में जोड़ दिया गया है।
ज्यादा होंगे विकल्प
ओएमआर में जहां कॉलेज के विकल्प मिलेंगे वहीं कोर्सेज के विकल्प भी ज्यादा होंगे। दरअसल, कई कोर्सेज में प्रवेश परीक्षा समाप्त किए जाने केबाद उन कोर्सेज को ओएमआर फॉर्म में शामिल करने की बात कही जा रही है। जिनमें हिंदी पत्रकारिता, बीएमएस, समाज कार्य ऑनर्स, चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम बैचलर विद ऑनर्स इन फ्रैंच, जर्मन, इतालवी और स्पेनिश जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।