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DU : दलालों से रहें सावधान, पोल खुली तो एडमिशन होगा रद्द

Sat, 06 Jun 2015 08:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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डीयू में दाखिले के लिए कोई आपसे कहता है कि वह आपका दाखिला करा देगा तो जरा संभल जाएं। लालच में ऐसा न हो कि दाखिला रद्द हो और कानूनी पचड़ों में भी फंस जाए।
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डीयू प्रशासन का कहना है कि पंजीकरण के समय ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं, जो कि दाखिला कराने का आश्वासन देते हैं। डीयू दाखिला प्रक्रिया के शुरू होने पर ऐसे लोग छात्रों से संपर्क करते हैं कि वह उनका दाखिला छात्र संगठन के जरिए करा देंगे।

उनकी बहुत पहुंच है या फिर एनआरआई कोटा, मैनेजमेंट कोटा में करा देने का दंभ भरते हैं। छात्रों से यह कह कर भी संपर्क साधा जाता है कि वह डीन को जानते हैं और उनका दाखिला हो जाएगा।
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 बस इसके लिए उन्हें कुछ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। बीते दो तीन सालों में कॉलेजों ने फर्जी दाखिलों के कई मामले भी पकड़े हैं। यह मामले कई बार तो दूसरे वर्ष में जाकर सामने आए।
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पकड़े जानें पर भुगतनी होगी सजा

कॉलेजों ने ऐसे छात्रों के दाखिले रद्द भी कर दिए। कई जगह तो नकली प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिला लिए जाने के मामले भी सामने आए हैं।
 
डीयू अधिकारी लगातार इस बात को कह रहे हैं कि छात्र या अभिभावक दाखिले की चाह में दलालों के चक्कर में ना पड़ें। डीयू में दाखिला पूरी तरह से शैक्षणिक योग्यता के आधार पर होता है और अगर कोई दाखिला कराने का दावा कर रहा है तो वह झूठ बोल रहा है।

छात्रों को दाखिला प्रक्रिया के दौरान ध्यान रखना होगा कि वे अपने मूल प्रमाण पत्रों की कॉपी ही जमा करें। अगर किसी छात्र के प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए तो विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र के खिलाफ आपराधिक मामला तो दर्ज कराएगा ही, साथ ही उसका दाखिला भी रद्द कर दिया जाएगा।
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