डीयू में दाखिले के लिए कोई आपसे कहता है कि वह आपका दाखिला करा देगा तो जरा संभल जाएं। लालच में ऐसा न हो कि दाखिला रद्द हो और कानूनी पचड़ों में भी फंस जाए।
डीयू प्रशासन का कहना है कि पंजीकरण के समय ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं, जो कि दाखिला कराने का आश्वासन देते हैं। डीयू दाखिला प्रक्रिया के शुरू होने पर ऐसे लोग छात्रों से संपर्क करते हैं कि वह उनका दाखिला छात्र संगठन के जरिए करा देंगे।
उनकी बहुत पहुंच है या फिर एनआरआई कोटा, मैनेजमेंट कोटा में करा देने का दंभ भरते हैं। छात्रों से यह कह कर भी संपर्क साधा जाता है कि वह डीन को जानते हैं और उनका दाखिला हो जाएगा।
बस इसके लिए उन्हें कुछ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। बीते दो तीन सालों में कॉलेजों ने फर्जी दाखिलों के कई मामले भी पकड़े हैं। यह मामले कई बार तो दूसरे वर्ष में जाकर सामने आए।