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HPU की रूसा डिग्री पर सवाल, नहीं मिल रही मान्यता

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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रूसा सीबीसीएस के पहले बैच के जून में पास आउट होने वाले यूजी के लगभग 25 हजार छात्रों की डिग्री की मान्यता पर देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने सवाल उठा दिए हैं।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के अलावा बाहरी राज्यों के प्रतिष्ठित संस्थान एमएससी के विभिन्न विषयों में एडमिशन फार्म को रिजेक्ट कर रहे हैं। अभी यह समस्या एमएससी छात्रों के सामने आई है, आर्ट्स और कॉमर्स विषयों में भी ऐसा होना तय है।

इससे सूबे के छात्रों का अच्छे विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने का सपना टूट सकता है। इन विश्वविद्यालयों ने एमएससी में प्रवेश पाने को ऑनलाइन प्रोस्पेक्टस में सभी विषय साइंस के होने की शर्त लगाई है।
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जबकि हिमाचल के कॉलेजों में रूसा के तहत बीएससी में साइंस के मेजर विषय के साथ माइनर में आर्ट्स के विषय भी पढ़ाए जाते हैं। बता दें कि यह समस्या उन विश्वविद्यालयों में आ रही है जहां रूसा के बजाय ईयर सिस्टम है। ऐसे में आवेदन फार्म रिजेक्ट किए जा रहे हैं। वहीं, भविष्य में एचपीयू यूजी की डिग्री मान्य होगी या नहीं इस पर भी संशय बन गया है।

कॉलेज प्राचार्य ने माना, रिजेक्ट हुए फार्म

राजधानी के संजौली एक्सीलेंस कॉलेज के प्राचार्य डा. जेएस नेगी ने माना कि यहां से पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी में एमएससी में प्रवेश को छात्रों ने आवेदन किए थे। रूसा के तहत पढ़ने वाले छात्रों के आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। इसमें पात्रता शर्त पूरी न करने का हवाला दिया जा रहा है।

ईसी, अकादमिक काउंसिल की बैठक में होगी चर्चा
एचपीयू ने मामला सामने आने के बाद आनन फानन में 24 फरवरी को रूसा हाई पॉवर कमेटी की बैठक बुलाई है। 25 फरवरी को अकादमिक काउंसिल की बैठक होगी। इनमें इसी मामले पर चर्चा कर आगामी कदम उठाने पर फैसला लिया जाना संभावित है।
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वीसी बोले, हम सुलझाएंगे समस्या

एचपी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कहना है कि अभी तक फार्म रिजेक्ट होने का मामला मेरे ध्यान में नहीं आया है। इस मामले को सुलझाया जाएगा। एचपीयू ने यूजी डिग्री कोर्स में रूसा सीबीसीएस यूजीसी के तय मापदंडों और नियमों के तहत इसे लागू किया है। छात्रों की समस्या को समय रहते दूर किया जाएगा।

वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान का कहना है कि रूसा सीबीसीएस के विद्यार्र्थियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। केंद्र सरकार से जल्द मामला उठाया जाएगा।
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