सुप्रीम कोर्ट की सख्त मनाही के बावजूद राजधानी देहरादून के स्कूल अभिभावकों से अंडर टेबल जमकर वसूली कर रहे हैं।
एडमिशन में सरेआम डोनेशन का खेल
एजूकेशन हब के नामी स्कूलों में दाखिले के नाम पर एक फर्जीवाड़ा तो पकड़ में आ गया, लेकिन एडमिशन में सरेआम डोनेशन का खेल जारी है।
शहर के एक नामी स्कूल के प्राचार्य पर भी डोनेशन के आरोप लगे थे। सूत्रों के मुताबिक उनका रसोईया ही दो लाख रुपए प्रति एडमिशन लेता था।
यह पैसा एक दिन प्राचार्य के घर पकड़ा गया तो उन्हें हटना पड़ा। शहर के कई और नामी स्कूलों में ऐसे ही अभिभावकों से खुलेआम पैसा लूटा जा रहा है।
कुछ स्कूल सीधे डोनेशन के नाम पर वसूली करते हैं या विशेष कोचिंग के नाम पर लाखों रुपए जुटाए जा रहे हैं। यह मॉडल सेलाकुई के एक नामी स्कूल में धड़ल्ले से जारी है।
कोचिंग के नाम पर सालाना साढ़े पांच लाख वसूले
यहां छात्र को दाखिला तो दिया जा रहा है, लेकिन विशेष कोचिंग के नाम पर सालाना साढ़े पांच लाख वसूले जा रहे हैं। यहां एडमिशन भी आसानी से मिल जाता है।
इन स्कूलों की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी प्रसिद्घि है कि यहां दाखिले के लिए लंबी लाइनें लगी रहती हैं।
सिफारिशों के दाखिलों के चलते स्कूल दबंग होकर पैसा लूटते हैं, क्योंकि बड़ी सिफारिशों के चलते उन्हें कार्रवाई का भी डर नहीं है।
गौरतलब है कि सोमवार को सेंट जोजेफ्स एकेडमी में दाखिले के नाम पर एक महिला द्वारा लाखों रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया था।