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साल भर बाद मिला आईआईएम लखनऊ को नया निदेशक

Sun, 25 Oct 2015 06:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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एक साल से भी अधिक समय के बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ को स्थायी निदेशक मिल गया है। डॉ. अजीत प्रसाद को आईआईएम का नया निदेशक बनाया गया है। वर्तमान में डॉ. प्रसाद मुम्बई के एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में स्ट्रेटजी के प्रोफेसर हैं।
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अपने 17 साल से अधिक के एकेडमिक कॅरिअर में डॉ. प्रसाद, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीनविच- लंदन, आईआईएम रायपुर, समेत कई नामी संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यूके, फ्रांस, नीदरलैंड, दुबई और सिंगापुर के संस्थानों में भी वे इंटरनेशनल फैकल्टी रोल पर हैं।

इसके अलावा वे पांच साल योजना आयोग और दो साल भारतीय स्टेट बैंक में भी रहे हैं। डॉ. प्रसाद मारूती सुजुकी, हीरो, हॉन्डा, अपोलो टायर्स, एलएंडटी, सेल, एचपीसीएल सहित कई पब्लिक सेक्टर व प्राइवेट संस्थानों में कंसलटेंट भी रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो डॉ. प्रसाद दिवाली के करीब यहां जॉइनिंग कर सकते हैं। डॉ. प्रसाद ने सेंट स्टीफेन्स कॉलेज से बीए ऑनर्स इन इकोनॉमिक्स के बाद दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए इन थ्योरेटिकल स्टेटिस्टिक्स एंड इकॉनोमेट्रिक्स, दिल्ली के आईएमआई से पीजीडीएम इन इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की।
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तीन किताबें हो चुकी हैं प्रकाशित

पढ़ाई के बाद पटना विवि से एप्लाईड इकॉनोमेट्रिक्स में पीएचडी पूरी की। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से सोशल पॉलिसी एंड डेवलपमेंट में एमएससी भी की है। डॉ. प्रसाद यूएसए की स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट सोसाइटी और इटली की मिलान पॉलिटेक्निक की एकेडमिक एडवाइजरी बोर्ड के भी सदस्य हैं।

इसके अलावा पावर फाइनेन्स कॉर्पोरेशन के इंडीपेंडेंट डायरेक्टर रहे हैं। डॉ. प्रसाद की तीन किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें से डिक्शनरी ऑफ स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट, बेस्ट सेलर में शामिल है।

प्रो. देवी सिंह ने सितंबर, 2014 में जब आईआईएम के स्थायी निदेशक पद को छोड़ा उसकेबाद से ये पद अस्थायी निदेशकों के जिम्मे था। सितंबर 2014 में प्रो. राजीव श्रीवास्तव को यहां का कार्यवाहक निदेशक बनाया गया।

लेकिन जुलाई 2015 में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया। इसके बाद 8 जुलाई, 2015 को प्रो. भरत भास्कर को तीन माह के लिए यहां का निदेशक बनाया गया। हाल ही में 7 अक्तूबर की शाम मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रो. भरत भास्कर को छह माह का सेवा विस्तार दिया था। शुक्रवार को डॉ. अजीत प्रसाद को स्थायी निदेशक चुना गया।
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