डीबीएस कालेज में बीते कई दिन से एडमिशन को लेकर चल रहा विवाद आखिर खत्म हो गया। कालेज प्रशासन और छात्रनेताओं की सहमति के बाद दाखिलों के लिए बीच का रास्ता निकाल लिया गया है। तय हुआ कि पहली मेरिट में शामिल छात्रों को दो दिन तक बीएससी प्रथम वर्ष में दाखिले का मौका दिया जाएगा।
इसके बाद 60 प्रतिशत तक अंक वाले छात्रों को दाखिला मिलेगा। इसके बाद सोमवार (आज) से कालेज खुलने का रास्ता साफ हो गया। बीएससी प्रथम वर्ष को छोड़ बाकी कक्षाओं में आज से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बैठक में डा. एके बियानी, डा. अनिल पाल, पूर्व महासचिव संदीप चमोली, पूर्व अध्यक्ष संकेत नौटियाल, पूर्व महासचिव संदीप धीमान, अंकित रावत, राहुल पुंज, अजय सुंद्रियाल, सुदीप थापा आदि मौजूद रहे।
बीएससी प्रथम वर्ष की मेरिट आज
कालेज प्राचार्य डा. ओपी कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बीएससी प्रथम वर्ष की मेरिट सोमवार को कालेज में दोबारा चस्पा कर दी जाएगी। इसके बाद छह और सात अगस्त को सूची में शामिल छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद कट ऑफ से नीचे के छात्रों के लिए दाखिला खोला जाएगा। एडमिशन कुल 980 सीटों पर दिए जाएंगे।
धोखा दिया तो फिर आंदोलन
छात्रसंघ महासचिव देवेंद्र नेगी ने कहा कि कालेज प्रशासन ने तय समझौते पर अमल न किया तो फिर आंदोलन किया जाएगा। उधर, पूर्व महासचिव सुदीप थापा ने कहा कि प्राचार्य के लिखित माफी मांगने तक विरोध जारी रहेगा।
सताने लगी वोट की चिंता
बैठक के दौरान छात्रनेताओं का फोकस वोट बैंक पर रहा। मेरिट पर ही एडमिशन की बात हुई तो कुछ फुसफुसाने लगे, ‘इससे तो हमारा वोट बैंक ही खत्म हो जाएगा।’ हालांकि, सहमति बनने के बाद उनके चेहरे खिल गए। इससे पूर्व एक छात्रनेता ने तो बैठक की शुरुआत कुछ ऐसे की, ‘दोस्तों, कालेज लगातार बंद चल रहा है, जिससे बहुत नुकसान हो रहा है। चुनाव भी नजदीक है। छात्र कालेज आएंगे नहीं तो वोट कैसे देंगे।’
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