उत्तराखंड के महाविद्यालयों के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मनमानी और उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। शिक्षकों ने बैठक कर चेतावनी दी कि जल्द ही उनकी मांगें न मानी गईं तो वह गढ़वाल विवि की बैक परीक्षाओं का बहिष्कार कर देंगे।
उत्तराखंड कांग्रेस बुद्धिजीवी एवं शिक्षक प्रकोष्ठ की ओर से मंगलवार को आपातकालीन बैठक बुलाई गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने कहा कि राजधानी से उच्च शिक्षा का क्षेत्रीय कार्यालय हल्द्वानी ट्रांसफर कर दिया गया है। इस वजह से महाविद्यालय शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन और अन्य काम बाधित हो गए हैं।
इसके अलावा शिक्षकों का ग्रेड पे 6000-7000 के संबंध में प्रमुख सचिव से 27 जुलाई को बात हुई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में देर रात प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ने सीएम से भी वार्ता कर आक्रोश जताया।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें न मानी गई तो वह बैक परीक्षाओं का बहिष्कार शुरू कर देंगे। बैठक में ग्रूटा के महामंत्री डॉ. डीके त्यागी, डीएवी के शिक्षक संघ महामंत्री डॉ. एमके जादौन, डॉ. गोपाल क्षेत्री, डॉ. अनिल पाल, डॉ. सोनू द्विवेदी, डॉ. एचवी पंत, डॉ. संदीप नेगी, डॉ. जीएस चौहान आदि मौजूद रहे।