डीएवी कॉलेज के चुनावी महासंग्राम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार चुनाव के लिए कॉलेज चार जोन में बांटा गया है। छात्राओं के लिए कॉलेज में अलग से जोन बनाया गया है। पांच सितंबर को होने वाले चुनाव में 28 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 24750 वोटर करेंगे।
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चुनाव समिति के सदस्य डा. अतुल सिंह ने बताया कि पहला जोन छात्रा जोन होगा, जिसमें केवल छात्राओं को ही वोट देने का मौका मिलेगा। इसके अलावा छात्र स्नातक कला जोन, छात्र स्नातक विज्ञान जोन और छात्र स्नातक वाणिज्य, पीजी, लॉ, सेल्फ फाइनेंस जोन बनाया गया है।
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तैयारियों के मद्देनजर मंगलवार को कॉलेज में बैरिकेडिंग लगाई गई। चारों जोन में कुल 23 बूथ बनाए गए हैं। गत वर्ष करीब पांच हजार मतदाताओं ने वोट दिया था, जिसकी तादाद इस बार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पर्चे से हुआ विवाद
डीएवी कॉलेज में उस वक्त बड़ा विवाद होते-होते बच गया, जब एबीवीपी और एनएसयूआई समर्थक आमने-सामने आ गए। दरअसल, एनएसयूआई की ओर से एबीवीपी प्रत्याशी सिद्धार्थ राणा के खिलाफ पर्चे छपवाकर बांटे जा रहे थे। सामने आ रहे
एबीवीपी समर्थकों ने जब यह नजारा देखा तो उन्होंने विरोध जताया। तीखी बहस हुई, लेकिन पुलिस की वजह से विवाद टल गया।
मुफ्त साइकिल स्टैंड
डीएवी में अध्यक्ष पद निर्दलीय प्रत्याशी स्वाती नेगी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि वह अध्यक्ष बनने पर कॉलेज में छात्राओं के लिए मुफ्त साइकिल स्टैंड, छात्राओं के लिए गर्ल विंडो, कॉमन रूम का उच्चीकरण और महाविद्यालय की सभी प्रयोगशालाओं के उच्चीकरण के लिए प्रयास करेंगी।
प्रचार सामग्री जब्त
डीएवी में जिला प्रशासन के नोटिस के बाद कॉलेज प्रशासन प्रिंटेड प्रचार सामग्री पर सख्ती बरत रहा है। मंगलवार को जब सत्यम ग्रुप के समर्थक जुलूस निकाल रहे थे तो कुछ समर्थकों के हाथ में प्रिंटेड प्रचार सामग्री थी। मुख्य नियंता डा. कौशल कुमार ने तुरंत हरकत में आते हुए प्रचार सामग्री जब्त कर ली।
धांधली के आरोप से अटका शपथग्रहण
एमकेपी कॉलेज में 30 अगस्त को चुनाव संपन्न होने के बावजूद नव निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों की शपथ ग्रहण नहीं हो पाई है। कारण कि चुनाव के बाद पराजित निर्दलीय प्रत्याशी करिश्मा ने धांधली के आरोप लगाए हैं।
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मंगलवार को भी निर्दलीय प्रत्याशी करिश्मा ने डीएम के सामने विरोध जताया। प्राचार्य डा. इंदु सिंह ने बताया कि जब तक आरोपों की जांच नहीं हो जाती है, तब तक शपथ ग्रहण नहीं कराया जाएगा। नियमानुसार, चुनाव होने के छह दिन बाद तक शपथ ग्रहण कराया जा सकता है।
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ऐसे में अब शपथ ग्रहण के लिए शनिवार तक का समय बचा हुआ है। डा. सिंह ने बताया कि बुधवार को सभी आपत्तियों की सुनवाई के लिए ग्रीवांस समिति की बैठक बुलाई गई है।
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