बदलते वक्त में इंडस्ट्री की जरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसे में प्रबंधन कोर्स को उसके मुताबिक ढालना जरूरी है।
इसी जरूरत पर केंद्रित थी लविवि में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस (आईएमएस) में शुक्रवार को आयोजित इंडस्ट्री एडवाइजरी बोर्ड की बैठक।
बैठक में तय हुआ है कि एमबीए पाठ्यक्रमों को कंपनियां मेंटर करेंगी और इंडस्ट्री की रिक्वॉयरमेंट के हिसाब से पढ़ेंगे एमबीए के विद्यार्थी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि एमबीए के सभी सात कोर्सेज में प्रत्येक को दो-दो कंपनियां मेंटर करेंगी। वह उन्हें बताएंगी कि इस समय क्या और पढ़ाया जाए तथा वह स्टूडेंट को नई-नई अर्पाच्युनिटी भी दिलवाएंगी।
आईएमएस के ओएसडी प्रो. अरविंद मोहन ने बताया कि बोर्ड की बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि इस इंस्टीट्यूट को किस तरह नेशन व इंटरनेशनल लेवल पर ब्रांड बनाया जाए।
जो अच्छे स्टूडेंट हैं उन्हें जॉब के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की अधिक से अधिक कोशिश की जाएगी, क्योंकि इंडस्ट्री को अच्छे लोग कम मिलते हैं और जब उन्हें यह स्टूडेंट मिलेंगे तो वह उन्हें हाथों-हाथ लेंगी।
आईएमएस पहली बार सीईओ कॉन्क्लेव आयोजित करेगा। इसमें मल्टीनेशनल कंपनियों के सीईओ आएंगे और इसे जनवरी-फरवरी 2014 में आयोजित किया जाएगा।
इसके अलावा एक अहम फैसला यह लिया गया कि टॉप कंपनियों के एचआर हेड को आईएमएस में आमंत्रित कर स्टूडेंट से उनका सीधा संवाद स्थापित करवाया जाएगा।
इसका फायदा स्टूडेंट को यह होगा कि वह पढ़ाई के साथ-साथ अपने फाइनल प्लेसमेंट की तैयारियां भी कर सकेंगे। इस कड़ी की शुरूआत जुबलियांट कंपनी के एचआर हेड को आमंत्रित कर किया जाएगा।
इंडस्ट्री एडवाइजरी बोर्ड की बैठक में एवररेडी इंडस्ट्री के एमडी संदीप बनर्जी, सीआईआई के पूर्व चेयरमैन किरन चोपड़ा, रिलायंस कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट अनंत जौहरी, इंफ्रा पावर लिमिटेड के एमडी विनम्र अग्रवाल, जूबिलियांट के स्टेट हेड अनिल मलिक, कम्युनिटी लैब के फाउंडर डायरेक्टर विश्वजीत कुमार, लार्सन एंट टूर्बो के स्टेट हेड संजू जॉन, बेटी फाउंडेशन की शहबा हुसैन उपस्थित थे।