एपीजी (अलख प्रकाश गोयल) शिमला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को पहला दीक्षांत समारोह मनाया गया। राजीव गांधी राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय पटियाला के कुलपति प्रो. परमजीत सिंह जसवाल ने दीक्षांत भाषण दिया।
प्रो. जसवाल ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह विवि से निकला पहला बैच है, इसलिए वह बाहरी दुनिया में यूनिवर्सिटी के राजदूत हैं। इसके अलावा मैनेजमेंट के छात्र होने के कारण उन्हें समय को मैनेज करना भी सीखना होगा।
साथ ही उन्हें समाज के लिए सकारात्मक सोच एवं रवैये के साथ काम करना होगा। एमबीए के पहले बैच के 46 छात्रों को स्नातकोत्तर डिग्रियां दी गईं। यह विवि के स्नातकोत्तर छात्रों का पहला बैच है।
दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति कुसुम लता गोयल ने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नेहा सांबर को स्वर्ण और अभिषेक कौशल को रजत पदक देकर सम्मानित किया। नेहा ने 10 में से 9.36 सीजीपीए प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया था।
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की अधिष्ठाता ललिता श्रीनिवासन ने एमबीए डिग्री धारकों को शपथ दिलाई। समारोह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरवी बाला सुब्रामणियम अय्यर, युगांडा की राजदूत डैबरा, जांबिया गणराज्य के उप उच्चायुक्त सिकापले हेनरी चिनशेवे, युगांडा के शिक्षा सहचारी बी बेकर और रवांडा के द्वितीय सलाहकार एम रूतिशिशा बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
विवि के प्रवर कुलाधिपति डा. अश्वनी कुमार ने कहा कि एपीजी का प्रमुख उद्देश्य न केवल प्रोफेशनल का निर्माण करना अपितु रोजगार उपलब्ध करवाना भी है। विवि के कुलपति डा. गोलाकुट्टी श्रीनिवासन ने कहा कि एपीजी का मकसद रोजगारोन्मुख पेशेवर बनाना है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार राजन सहगल ने अतिथियों का समारोह में मौजूद रहने पर आभार व्यक्त किया। साथ ही छात्रों के सुनहरे भविष्य की कामना की।