डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई के स्टैंडर्ड को बढ़ाने के लिए एकेडमिक मॉनीटरिंग सिस्टम लागू होगा। स्टूडेंट और टीचर्स की नियमितता जांची जाएगी।
क्लासरूम टीचिंग भी इनोवेटिव बनाई जाएगी। कॉलेजों के टाइम टेबल भी ऑनलाइन होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ. भीमराव अंबेडकरनगर अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा के कुलपति प्रो. मुजम्मिल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है। जल्द ही यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
राजधानी में डिग्री कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने एकेडमिक मॉनीटरिंग टूल्स बनाने के लिए प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। जो रिपोर्ट सौंपकर बताएगी कि क्या व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।
ताकि क्लासरूम में टीचर्स और स्टूडेंट्स नियमित हों। टीचिंग में क्या इनोवेशन हो सकते हैं और उनकी किन-किन स्टैंडर्ड पर मॉनीटरिंग होनी चाहिए।
फिलहाल, आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल एकेडमिक मॉनीटरिंग के लिए जल्द अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे। इसके बाद कॉलेजों में एकेडमिक मानीटरिंग बेहतर ढंग से हो सकेगी।
कॉलेजों में स्टूडेंट्स के लिए न तो क्लास बंक करना आसान होगा, न ही वे क्लासरूम टीचिंग को नजरअंदाज कर पाएंगे। टीचर्स को भी क्वालिटी एजूकेशन के लिए नए-नए प्रयोग क्लासरूम में करने होंगे।
यूजीसी द्वारा सुझाए गए टूल्स को भी उन्हें रेग्युलर टीचिंग में प्रयोग करना होगा।