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छात्र ध्यान दें, अब तीन नहीं 2 घंटे की होगी परीक्षा

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हिमाचल के कॉलेजों में सालाना परीक्षाओं का समय कम करने की तैयारी है। परीक्षा का समय दो घंटे किया जाएगा। अब तक छात्रों को तीन घंटे का समय दिया जाता है। आंसर शीट के पन्ने भी कम होंगे। इनकी संख्या अब 20 की जानी है। पहले यह संख्या 40 थी।
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रूसा सिस्टम लागू होने के बाद एचपीयू ने इस पर काम शुरू कर दिया है। यूजी में ईयर की जगह सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया है। इसके चलते बदलाव है। ईयर सिस्टम की तर्ज पर अभी तक कॉलेजों में सेमेस्टर की परीक्षा में भी 40 पेज की उत्तर पुस्तिका दी जाती है।

सेमेस्टर सिस्टम में इतने पन्नों की उत्तर पुस्तिका की जरूरत नहीं। इससे विवि अतिरिक्त खर्च से बचेगा, वहीं खाली पन्नों के रूप में बर्बादी भी कम होगी। जिसे छात्र खाली छोड़ देते है।
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विव‌ि प्रशासन ने लिया फैसला

एचपीयू ने कॉलेज शिक्षकों की ओर से आए सुझावों पर कमेटी गठित कर एक बैठक कर बदलाव की रूपरेखा भी तैयार कर ली है। सीओई, अधिष्ष्ठाता अध्ययन, कुलसचिव और एचपीयू और कंडक्ट ब्रांच एआर की बैठक हो चुकी है। अब अगली बैठक में कॉलेज प्राचार्य और अलग- अलग विषय के शिक्षकों से इस पर सुझाव लिए जाएंगे।

प्रश्नपत्र के बदले पैटर्न के चलते जरूरी है बदलाव
ईयर सिस्टम में 80 अंक की परीक्षा होती थी। सेमेस्टर सिस्टम में यह 50 अंक की है। कुल अंक, प्रश्नों की संख्या, अंक विभाजन, शब्द सीमा तय होने से छात्र परीक्षा को तीन घंटे से पहले पूरी कर लेते हैं। प्रश्न मल्टीपल च्वायस, उत्तर छोटे होने से अब 40 पेज की उत्तर पुस्तिका की जरूरत नहीं है।

ईयर सिस्टम में 80 अंकों की परीक्षा मार्च में होती थी। इसमें प्रश्न और अंकों का विभाजन अलग ढंग से होता था। परीक्षा तीन घंटे की और 40 पेज की उत्तर पुस्तिका दी जाती थी। बीस अंक इंटरनल असेसमेंट के रहते थे।
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ये है सेमेस्टर सिस्टम का सिस्टम

सेमेस्टर सिस्टम (सीबीसीएस ) में दस प्रश्न मल्टीपल च्वायस, एक- एक अंक के प्रश्न का एक शब्द में उत्तर देना होता है। पांच प्रश्न दो- दो अंक के जिसमें 25 से 50 शब्द सीमा होती है। पांच प्रश्न तीन- तीन अंक के 100 शब्द वाले प्रश्न, वहीं एक प्रश्न विस्तृत उत्तर वाला एक हजार शब्द तक का होता है, जिसके 15 अंक होते हैं।  कुल 50 अंक की सेमेस्टर परीक्षा और 50 अंक की इंटरनल असेसमेंट रहती है।

प्राध्यापक संघ ने किया स्वागत
प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष आरके कायस्था ने इसका स्वागत किया है। कायस्था का कहना है कि पन्ने कम करने के साथ-साथ समय कम होने से छात्रों को परीक्षा हॉल में नहीं बैठना पड़ेगा।

शुरू कर दी गई है प्रक्रिया
विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान और विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने कहा कि कॉलेज शिक्षकों के दिए सुझावों पर कार्य शुरू हो चुका है। उत्तर पुस्तिका के पन्नों को कम करने और परीक्षा के समय को कम करने पर कॉलेज प्राचार्य और शिक्षकों से रॉय और सुझाव लेक र अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
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