यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के अध्यादेश के आधार पर नोएडा की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) ने सभी कॉलेज और इंस्टीट्यूट को नैक मूल्यांकन कराने के आदेश दिए हैं।
नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडीटेशन काउंसिल (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद-नैक) से संस्थानों का मूल्यांकन कराने के लिए एक जून तक अपने प्रस्ताव भेजने का समय दिया गया है।
दरअसल, यूजीसी के मेंडेटरी एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन ऑफ द एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन-2012 के अनुपालन में सीसीएसयू ने कॉलेजों को नैक मूल्यांकन कराने के आदेश जारी किए हैं।
नैक यूजीसी की एजेंसी है जो सात सिद्धांतों के आधार पर कॉलेजों को ए, बी और सी ग्रेड देती है। इसमें संबंधित संस्थान के पाठ्यक्रम पहलु, शिक्षण व मूल्यांकन पद्धति, अनुसंधान-परामर्श व विस्तार कार्यक्रम, बुनियादी ढांचा व संसाधन, छात्र समर्थित व विकास गतिविधियां, प्रशासन व नेतृत्व और नवाचार के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
नैक मूल्यांकन के ग्रेड के आधार पर कॉलेज का स्तर पता चलता है। छात्रों के उच्च शिक्षा में जाने और नौकरी में भी इसका प्रभाव पड़ता है। विभिन्न एजेंसियों से रिसर्च व अन्य कार्यक्रमों के लिए मिलने वाली फंडिंग में भी ये ग्रेड मददगार होता है। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि नैक में आवेदन करने के साथ-साथ इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी को भी दी जाए।