सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजूकेशन(सीबीएसई) ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप शुरू की है। यह स्कॉलरशिप मां-बाप की इकलौती बेटी होने पर ही मिलेगी। सीबीएसई देश भर के स्कूलों से 1000 सिंगल गर्ल चाइल्ड को यह स्कॉलरशिप देगा।
जानकारी के अनुसार 10वीं में 6.2 सीजीपीए से अधिक ग्रेड और 12वीं में 60 फीसदी से अधिक अंक पाने वाली छात्राएं इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकती हैं।
स्कॉलरशिप के लिए स्कूल प्रिंसिपल के पास आवेदन करना होगा। देश भर में हर साल एक हजार छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
इन-इन बेटियों को मिलेगी स्कॉलरशिप
सीबीएसई की ओर से सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप हर साल दी जाएगी। दसवीं से शुरू होने वाली स्कॉलरशिप पोस्ट ग्रेजुएशन तक मिलेगी।
छात्रा को 12वीं तक हर महीने 500 रुपये, ग्रेजुएशन के दौरान एक हजार और पोस्ट ग्रेजुएशन में हर महीने 2 हजार स्कॉलरशिप तय की गई है।
इस स्कॉलरशिप का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो अगस्त 2012 तक अभिभावकों की इकलौती संतान होंगी। जिस स्कूल में छात्राएं पढ़ रही हैं, वहां ट्यूशन फीस 1500 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पीयू ने सबसे पहले की थी कोटे की शुरुआत
बेटियों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) ने पांच साल पहले हर विभाग में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए एक सीट रिजर्व करने का फैसला लिया था। पीयू ने सभी कालेजों में भी इस सिस्टम को शुरू किया।
दो साल पहले पीयू ने सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए दो सीटें निर्धारित की। कालेजों में भी प्रत्येक विभाग में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए दो सीटें निर्धारित हैं। पीयू भी हर साल सिंगल गर्ल चाइल्ड को स्कॉलरशिप देती है।