सीबीएसआई और उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए छात्रों की दिल की धड़कने तेज होने लगी है।
स्वभाव से छात्र भावुक होते हैं ऐसे में यदि रिजल्ट में वह फेल हो जाते हैं तो आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों अपने बच्चों के प्रति बेहद सजग रहना होगा।
उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 26 मई को घोषित कर रहा है। जनपद में करीब 42 हजार छात्रों ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा दी है। सीबीएसई 12वीं का परीक्षा परिणाम 25 मई को घोषित हो रहा है। जबकि 10 वीं का परीक्षा परिणाम 28 मई को आने की उम्मीद है। जनपद में करीब 12 हजार अधिक छात्र सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हैं। परीक्षा के परिणाम को लेकर सभी छात्रों की दिल की धड़कने बढ़ी हुई हैं।
छात्रों का मन न तो टीवी देखने में लग रहा है। नहीं ही फेसबुक या फिर अन्य मनोरंजन कार्यों में। उनके दिमाग में सिर्फ रिजल्ट ही है। मनोवैज्ञानिकों की माने ऐसे में छात्रों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अभिभावकों को अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखना होगा।
रिजल्ट में यदि छात्र फेल आदि हो जाए तो अभिभावकों को बेहद संयम से काम लेना होगा। छात्र को विश्वास में लेकर यकीन दिलाना होगा कि फेल होने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ खत्म हो गया है। छात्र को अकेला न छोड़ें उससे बातचीत करते रहे। इन बातों पर ध्यान न देने की स्थिति में फेल या कम अंक आने की स्थिति में छात्र आत्मघाती कदम उठा सकता है।