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बच्चों को पढ़ाने से पहले टीचर्स की लगेगी क्लास

Sat, 10 May 2014 08:14 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों में प्रैक्टिकल नॉलेज कैसे बढ़े, ताकि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
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इसके लिए सीबीएसई ने कक्षा 10 तक आंतरिक मूल्यांकन शुरू किया। इसमें रचनात्मक क्रियाएं, रटने की क्षमता के अलावा बच्चों को खेल-खेल में सिखानेे की क्षमता आदि शामिल हैं।

सीबीएसई के सभी स्कूलों में आंतरिक मूल्यांकन (सीसीई) किया जाता है लेकिन कई ऐसे भी हैं, जिन्हें आंतरिक मूल्यांकन का सही पैटर्न नहीं पता होने के कारण दिक्कत आती है। ऐसे में सीबीएसई ने सीसीई का सपोर्ट मैटर उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
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यह मैटर ऑनलाइन, ऑफलाइन और मोबाइल फोन पर भी उपलब्ध होगा। इसके तैयार करने के लिए एजेंसियों का चयन भी कर लिया गया है। स्टूडेंट्स पर पढ़ाई का प्रेशर कम करने के लिए सीबीएसई ने कक्षा 10 तक की कक्षाओं में सीसीई की शुरुआत की है।

इसमें बोर्ड परीक्षा के बजाय लगातार मूल्यांकन किया जाता है। पढ़ाई रटने के बजाय सीखने के आधार पर होती है।

छोटी-छोटी गतिविधियों के आधार पर स्टूडेंट्स का मूल्यांकन किया जाता है। नया सिस्टम होने के कारण सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के टीचर्स और स्टूडेंट्स दोनों को इससे काफी परेशानी हो रही है।

ऐसे में सपोर्ट मैटेरियल के जरिए स्कूलों को सहयोग देने की कोशिश की जा रही है।

सीबीएसई ने सपोर्ट मैटेरियल के लिए विभिन्न एजेंसियों का चयन कर लिया है। ये एजेंसियां सीसीई पर आधारित सपोर्ट मैटेरियल तैयार कर करेंगी। इसके बाद टीचर्स को ट्रेंड किया जाएगा।

एजेंसियां अपनी मनमानी न कर सकें, इसलिए सीबीएसई ने सपोर्ट मैटेरियल की ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत भी तय कर दी है। सबसे बड़ी बात यह है कि सपोर्ट मैटेरियल हर टीचर को मोबाइल पर भी उपलब्ध हो सकेगा।
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सपोर्ट मैटेरियल पर इतना आएगा खर्च
कक्षा एक से पांच तक 500 बच्चों के लिए ऑनलाइन खर्च 12,500 व ऑफलाइन 18,750 रुपये आएगा। छठी से आठवीं तक के 300 बच्चों पर ऑनलाइन 7,500 और ऑफलाइन 11,250 रुपये खर्च आएगा। नवीं और 10वीं के 200 बच्चों के लिए ऑनलाइन 20,000 और ऑफलाइन 23,500 रुपये खर्च आएगा।
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