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आतंकियों से बचने के लिए CBSE ने जारी किया सर्कुलर

Fri, 26 Dec 2014 02:10 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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पेशावर (पाकिस्तान) में स्कूल पर आतंकी हमले के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने संबद्ध स्कूलों को सतर्क कर दिया है। बोर्ड ने दो दिन पहले सर्कुलर जारी कर नसीहत दी है कि स्कूल एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का पालन करें।
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इसका खाका केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तैयार किया था, जिसके अनुपालन से काफी हद तक ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।
सर्कुलर के मुताबिक स्कूलों को एसओपी अनुपालन के तहत सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। जिन स्कूलों की चहारदीवारी छोटी है, वे तुरंत उसे ऊंची कर लें। हर स्कूल में स्थानीय पुलिस के साथ मॉक ड्रिल कराई जाए।

इसके तहत स्कूल में अचानक आतंकी हमले की सूचना फ्लैश की जाएगी। पुलिस के साथ पूरा स्कूल प्रशासन इससे जुड़ेगा। बोर्ड ने कहा है कि इससे साफ होगा कि स्कूल से जुड़े किस शिक्षक या अधिकारी को क्या भूमिका निभानी होगी। परिसर में मॉक ड्रिल कराने के बाद सूचना बोर्ड को दें।
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आतंकी हमले की सूरत में
- सबसे पहले पुलिस को सूचित करें।
- जो बच्चे और शिक्षक जिस कक्ष में हैं, वहीं रहें। हो सके तो चुप रहें, बोलने पर खतरा हो सकता है।
- स्कूल में कोई ऐसा रास्ता है, जहां से बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सकता है तो किसी शिक्षक को यह जिम्मेदारी संभालनी होगी।
- बच्चों को सलाह दें कि वह खुले मैदान में कतई न आएं, निशाना बनाए जा सकते हैं।
- बच्चों को बताएं कि वह स्कूल में या बाहर कोई भी अजनबी वस्तु न छुएं। शक होने पर तुरंत जानकारी शिक्षक को दें।
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यह है एसओपी

हर स्कूल में कम से कम तीन या चार द्वार होने चाहिए। हर द्वार पर तीन गार्ड 24 घंटे जरूरी हैं। परिसर में स्थानीय पुलिस के सभी संपर्क नंबर लिखे हों, ताकि इमरजेंसी में छात्र, शिक्षक या चपरासी भी सूचित कर सके। गार्ड के पास टेलीफोन हो, ताकि किसी अनहोनी पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जा सके।

स्कूल की दीवारें इतनी ऊंची हों, ताकि कोई पार न कर सके। ऊपर कंटीली तारबाड़ और परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी जरूरी हैं। विजुअल अलार्म सुविधा के साथ गार्डों के पास वॉकी टॉकी होना चाहिए।

एक ऐसा संचार सिस्टम बनाएं, जिससे हर विभाग के एचओडी तुरंत गार्ड से संपर्क कर सकें। हर सुबह बच्चों के आने से पहले गार्डों को पूरे स्कूल का औचक निरीक्षण करना चाहिए। अलार्म सिस्टम लगा हो, जिसमें बटन दबाने पर उसकी लोकेशन भी पता चल सके।

अब भी बेपरवाह स्कूल
सीबीएसई से एसओपी निर्देश जारी होने के बाद शहर के स्कूल अभी द्वार बंद रखने और गार्ड सतर्क रखने तक सीमित हैं। शहर में तमाम ऐसे स्कूल हैं, जहां अलार्म सिस्टम तो दूर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक एक भी स्कूल ने अपने यहां मॉक ड्रिल के लिए आवेदन नहीं किया है।

सभी स्कूलों को इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। पुलिस के साथ एक बार इस संबंध में बैठक हो चुकी है। जब बोर्ड का यह सर्कुलर आया है, तब स्कूल शीतकालीन अवकाश के चलते बंद हैं। स्कूल खुलने के बाद पुलिस से बात करके स्कूलों में मॉक ड्रिल करवाई जाएगी।
- छाया खन्ना, समन्वयक, सीबीएसई
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