प्रबंधन पाठ्यक्रम में दाखिले की सबसे बड़ी परीक्षा कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में दून के ऋषभ गुप्ता 99.94 प्रतिशतता (परसेंटाइल) के साथ प्रदेश में अव्वल रहे।
वहीं, आईआईटी रुड़की की सोनल माहेश्वरी (99.89) दूसरे स्थान पर रही। छात्राओं की सूची में वह प्रदेश में प्रथम हैं। वहीं, शनिवार देर रात तक जारी हुए परिणाम में प्रथम रहे रविशंकर (99.84) तीसरे स्थान पर आ गए।
एकाग्रता में छिपा है सफलता का राज
ऋषभ ने दून के केंद्रीय विद्यालय 1 हाथीबड़कला से 12वीं के बाद थापर विवि, पटियाला से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया है। अभी वह सिडकुल (हरिद्वार) में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं।
ऋषभ ने बताया कि इंजीनियरिंग के बाद लगातार कैट परीक्षा की तैयारी की। समय प्रबंधन, ऑनलाइन परीक्षा के हिसाब से दिमाग को तैयार करना और व्यक्तित्व विकास बहुत जरूरी है।
वहीं, सोनल और रविशंकर ने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ तैयारी की। उन्होंने बताया कि कैट में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सबसे आसान हिस्सा गणित होता है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि यह परीक्षा सिर्फ इंजीनियरिंग वाले छात्र ही पास कर सकते हैं।