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अब राज्य में ही मिलेगी खिलाड़ियों को नौकरी, ट्रेनिंग

Mon, 29 Dec 2014 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड गठन के 14 साल तक उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ी बेहतर विकास नहीं पा सके तो इसकी एक बड़ी वजह खेल नीति न होना रही। हालांकि, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल छात्रावासों के बूते खिलाड़ियों को तैयार करने की कोशिश की गई, लेकिन नीति न होने से प्रदेश के अधिकतर बेहतरीन खिलाड़ी रोजगार और अच्छे मौकों की तलाश में दूसरे राज्यों के लिए पलायन कर गए।
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अब खेल नीति को मंजूरी के बाद इन खिलाड़ियों के घर वापसी के रास्ते खुलने की उम्मीद जगी है। अब प्रदेश में खेल सुविधाओं की स्थापना होगी, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों को नौकरी मिलेगी।

खेल विभाग खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को देखते हुए विभागों में नौकरी दिलाएगा। इसकी व्यवस्था कार्मिक विभाग करेगा। वहीं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने ने राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने करने का बीड़ा खेल विभाग उठाएगा। मगर यह तभी संभव है जब योजनाएं सही तरीके से कार्य करें।
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अमर उजाला ने दिलाया सम्मान

अमर उजाला ने बीते डेढ़ साल में खेल और खिलाड़ियों के दुख, परेशानी और सुविधाओं के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया, पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हरि सिंह थापा को अमर उजाला में खबर छपने के बाद राज्य सरकार ने सम्मानित किया। बीते छह महीने में खेल नीति के मुद्दे पर अमर उजाला ने लगातार खेल विभाग को सवालों में घेरा।

खेल नीति का किया था खुलासा
अमर उजाला ने खेल नीति को मंजूरी मिलने से पहले ही खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं का खुलासा किया। रविवार को नीति पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगाकर अमर उजाला की खबर को सही साबित किया। खेल नीति पर अमर उजाला ने किए ये खुलासे:

पदक कराएगा खिलाड़ियों पर धनवर्षा (23 दिसंबर)
प्रशिक्षण लीजिए, खर्च उठाएगा विभाग (25 दिसंबर)
शिष्य का नाम तो गुरु को मिलेगा मान (26 दिसंबर)
शुरू होगा उत्तराखंड राज्य खेल पुरस्कार (27 दिसंबर)
ओलंपिक के 32 खेल होंगे उत्तराखंड में (28 दिसंबर)
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