फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षक हैं पर सालों से पढ़ाया नहीं

Sun, 10 Nov 2013 12:07 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
इनकी नियुक्ति बच्चों को पढ़ाने के लिए सहायक अध्यापक के पद पर हुई, लेकिन पिछले दस साल से बच्चों को नहीं पढ़ाया।
विज्ञापन


छह सौ से अधिक शिक्षकों का यही हाल
ये भी इक्का-दुक्का नहीं बल्कि तेरह जिलों के छह सौ से अधिक शिक्षकों का यह हाल है। इन शिक्षकों को एसएसए (सर्व शिक्षा अभियान) में संकुल और ब्लॉक समन्वयकों के पदों पर प्रतिनियुक्ति पर रखा गया। इनकी प्रतिनियुक्ति अधिकतम पांच साल के लिए होने के बावजूद अब तक ये अपने मूल पदों पर नहीं लौटे।

पढ़ें, उत्तराखंडः किशोर प्रदेश की कलंक कथाएं

शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजीबोगरीब हैं। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी शिक्षा की बदहाली का रोना रो रहे हैं,
लेकिन शिक्षा व्यवस्था है कि पटरी पर नहीं आ पा रही है।

स्थिति यह है कि वर्ष 2003 एवं 2004 में प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे सैकड़ों शिक्षकों की संकुल समन्वयक (सीआरसी), ब्लॉक समन्वयक (बीआरसी) और सहायक ब्लॉक समन्वयक (एबीआरसी) के पद पर प्रतिनियुक्ति की गई बावजूद इन शिक्षकों का बच्चों को पढ़ाना ही छूट गया।
विज्ञापन


अब ये शिक्षक जिला परियोजना कार्यालय से स्कूल और स्कूल से जिला परियोजना कार्यालय तक एसएसए संबंधित सूचनाएं पहुंचाने वाले, स्कूल भवन निर्माण संबंधी रिपोर्ट देने आदि कार्यों में लगे हैं।

संकुल समन्वयकों के पद पर प्रतिनियुक्ति
दून जनपद में इनमें कुछ शिक्षक जो 4500 के स्केल पर थे की संकुल समन्वयकों के पद पर प्रतिनियुक्ति की गई, लेकिन कुछ समय बाद ये संकुल समन्वयक अन्य समन्वयकों की तरह 55 सौ स्केल की मांग को लेकर कोर्ट चले गए थे।
विज्ञापन


पढ़ें, फेसबुक चैटिंग ने ली युवक की जान

कोर्ट से इनके पक्ष में फैसला आने पर सरकार को हाल ही में लाखों रुपये के एरियर का भुगतान करना पड़ा। सरकार को लाखों रुपए एरियर देना पड़ा तो इसी वर्ष सितंबर महीने में विभाग ने इन 14 शिक्षकों के मूल पद पर वापसी के आदेश कर किए, लेकिन सितंबर में एकतरफा रिलीव किए जाने के बावजूद ये शिक्षक स्कूलों में नहीं पहुंचे। इससे स्कूलों में बच्चे सफर कर रहे हैं। यही हाल अन्य स्कूलों का भी है।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए क्लिक करें...
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें