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छप्पर के नीचे चलती है उच्च शिक्षा की पाठशाला

Mon, 15 Dec 2014 12:08 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के कई डिग्री कॉलेज आज भी टिन शेड, किराए के मकान और प्राइमरी से लेकर इंटर कॉलेज तक की बिल्डिंग में चल रहे हैं। यह तब है जबकि प्रदेश को एजूकेशनल हब बनाने का दावा किया जा रहा है।
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शिक्षा विभाग की रिपोर्ट ने खोली पोल
खुद शिक्षा विभाग की रिपोर्ट बता रही है कि 70 में से 30 महाविद्यालय ऐसे ही हैं। इसके बावजूद 2014-15 में 20 नए महाविद्यालय खोलने की घोषणा हुई है। रोजगार के विषम दौर को देखते हुए उच्च शिक्षा को लगातार गुणवत्तापरक बनाने की बात की जा रही है।

हाल ही में प्रदेश सरकार ने एक निजी शिक्षण संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया। इसके अलावा आधा दर्जन विश्वविद्यालय और स्थापित होने की तरफ है। दूसरी तरफ हाल यह है कि प्रदेश में 70 सरकारी महाविद्यालयों में से 30 तो ऐसे हैं जो या तो टिन शेड में चल रहे है या फिर किराए के मकान पर।
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कुछ प्राइमरी और इंटर कॉलेज के भवन पर कब्जा किए बैठे हैं। हद तो यह है कि अधिकतर के पास भूमि है पर अपना भवन बनाने की इनकी अभी कोशिश ही हो रही है।

यह तब है जबकि हाल ही में सरकार ने बीस नए महाविद्यालय भी घोषित किए हैं। इन नए कॉलेजों के भवन और भूृमि का मामला अधर में हैं। इनके लिए प्रदेश सरकार ने प्रभारी प्राचार्य जरूर घोषित कर दिए हैं।
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नैनीताल
राजकीय महाविद्यालय, दोषापानी- भूमि है, भवन निर्माणाधीन। आगर इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, कोटाबाग- न भूमि, न भवन, विधायक निधि से निर्मित कक्षों में संचालित।

अल्मोड़ा
राजकीय महाविद्यालय, भिक्यासेंण- भूमि है, भवन निर्माणाधीन, राजकीय इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, गुरूड़ाबॉंज- भूमि मानक से कम, भवन निर्माणाधीन। निजी भवन स्वामी के मकान में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, सोमेश्वर- भूमि है, भवन निर्माणाधीन। महाविद्यालय टिन शेड में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, चौखुटिया- भूमि है, भवन निर्माणाधीन। सिंचाई विभाग के टिनशैडों में संचालित।

बागेश्वर
राजकीय महाविद्यालय, कपकोट- भूमि है, भवन नहीं। असों इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, कॉंडा- भूमि है, भवन निर्माणाधीन। राजकीय इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, गरूड़- न भूमि न भवन। प्राइमरी पाठशाला गागरीगोल के कक्षों संचालित।

पिथौरागढ़
राजकीय महाविद्यालय, बलुवाकोट- भूमि मानक से कम, भवन निर्माणाधीन। टिन शेड में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, मुनस्यारी- भूमि है, भवन नहीं। राजकीय इंटर कॉलेज के पुराने भवन में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, गंगोलीहाट- भूमि है, भवन बन रहा है। किराए के मकान में संचालित।

चंपावत
राजकीय महाविद्यालय, टनकपुर- भूमि है, भवन बन रहा है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।

ऊधमसिंह नगर
राजकीय महाविद्यालय, थलीसैण- भूमि है, भवन निर्माणाधीन, राजकीय इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित ।
राजकीय महाविद्यालय, सतपुली- न भूमि , न भवन। जनता इंटर कॉलेज के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय,रिखणीखाल- भूमि है, भवन नहीं। प्राइमरी पाठशाला  रिखणीखाल के कक्षों संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, मजरा महादेव- भूमि है, भवन नहीं। किराए के मकान पर हो रहा है संचालित।

चमोली
राजकीय महाविद्यालय, नागनाथपोखरी- भूमि है, भवन निर्माणाधीन। विधायक निधि से निर्मित कक्षों में संचालित

रूद्रप्रयाग
राजकीय महाविद्यालय, रूद्रप्रयाग- भूमि है, भवन नहीं। आइटीआई के छात्रावास कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, गुप्तकाशी- न भूमि न भवन, राजकीय इंटर कॉलेज के पुराने भवन में संचालित।

उत्तरकाशी
राजकीय महाविद्यालय, बड़कोट- भूमि है, भवन बन रहा है। आइटीआई हॉस्टल से संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, चिन्यालीसौड़- न भूमि और न भवन। मनेरी भाली परियोजना के टिन शेडों में संचालित।

टिहरी गढ़वाल
राजकीय महाविद्यालय, नैनबाग- भूमि है, भवन नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्र नगर- भूमि है, भवन बन रहा है। नगरपालिका परिषद के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, थत्यूड़- भूमि है, भवन नहीं। स्वास्थय विभाग के कक्षों में संचालित।

देहरादून
राजकीय महाविद्यालय, चकराता- भूमि है, भवन बन रहा है। जिला पंचायत के डाकबंगले के कक्षों में संचालित।
राजकीय महाविद्यालय, त्यूनी- भूमि है, भवन बन रहा है। राजकीय कालेज और पुरानी तहसील के कक्षों में संचालित।

हरिद्वार
राजकीय महाविद्यालय, लक्सर-भूमि है, भवन निर्माणाधीन। सामुदायिक स्वास्थय केंद्र के कक्षों में संचालित।
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