एलयू में डिग्री और माइग्रेशन सहित सभी सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
सिंगल विंडो सिस्टम की शुरुआत करते समय एलयू प्रशासन ने दावा किया था कि नवंबर 2013 से सेकेंड फेज की सुविधाओं के तहत स्टूडेंट घर बैठे-बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इसके लिए उसने बैंक के साथ टाइअप करके ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करने की व्यवस्था करने की बात भी कही थी। मगर करीब पांच महीने बीत गए अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।
इसे शुरू करने के लिए जो जरूरी इंतजाम किए जाने थे वह भी अभी शुरू नहीं हो पाए हैं। ऐसे में स्टूडेंट को डिग्री, माइग्रेशन, चरित्र प्रमाणपत्र, डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
अभी एलयू में पढ़ने वाले स्टूडेंट जो यूपी में दूर-दराज के जिलों में रहते हैं या फिर किसी अन्य राज्य में रहते हैं उन्हें डिग्री, माइग्रेशन, चरित्र प्रमाणपत्र और डुप्लीकेट मार्कशीट आदि के लिए खुद एलयू आकर आवेदन करना होता है।
उसे काउंटर पर फॉर्म खरीदने व शुल्क जमा करने के लिए लाइनें लगानी पड़ती हैं। इसी से छुटकारा दिलाने के लिए विवि प्रशासन ने स्टूडेंट को फर्स्ट फेज में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्रोविजनल, माइग्रेशन सर्टिफिकेट आदि एक दिन के अंदर ही देने की व्यवस्था की है।
इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए उसने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देने का दावा किया था। इसे उसने सेकेंड फेज में मिलने वाली सुविधा का नाम दिया था। मगर यह सेकेंड फेज अभी तक शुरू ही नहीं हो पा रहा है।
इसके लिए एलयू को एक सॉफ्टवेयर डेवलप करना था। जिसके तहत लाइब्रेरी, डेलीगेसी व सभी डिपार्टमेंट को ऑनलाइन लिंक किया जाना था और आगे उसमें सभी डिग्री कॉलेजों को भी जोड़ना था।
ताकि स्टूडेंट घर से या फिर साइबर कैफे में बैठकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सके और ऑनलाइन ही क्रेडिट या डेबिट कार्ड से फीस भी जमा कर सके।
अभी एलयू बीते वर्षों का अपना ही डाटा ऑनलाइन एकत्र नहीं कर पाया है। ऐसे में यह व्यवस्था स्टूडेंट को मिलनी अभी दूर की कौड़ी लग रही है।
जबकि कानपुर यूनिवर्सिटी में बीते कई वर्षों से स्टूडेंट को अपने सभी सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था है। वह बैंक में सर्टिफिकेट या डिग्री की तय फीस जमा कर टोकन नंबर लेकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।