फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन व निदेशालय की खींचतान में पढ़ाई चौपट

Sun, 20 Apr 2014 05:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है। इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी के साथ कर्मचारियों के भी लाले हैं।
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधन शासन से लेकर निदेशालय तक से भर्ती की अनुमति देने की गुहार लगा चुका है लेकिन खींचतान के चलते अभी तक भर्ती की अनुमति जारी नहीं की जा सकी है।

शासन स्तर पर हाल ही में इस संबंध में बैठक कर निदेशालय को प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे स्कूलों और उनमें स्वीकृत पद व खाली पदों का ब्योरा मांगा गया है।

मालूम हो कि इन स्कूलों में पिछले दो सालों से भर्तियां रुकी हुई हैं।

बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त 10 साल से अधिक समय तक चलने वाले स्कूलों को राज्य सरकार अनुदान सूची पर लेती है।

अनुदान सूची पर आने वाले स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के समान वेतनमान दिया जाता है।

प्रदेश में मौजूदा समय करीब 3200 सहायता प्राप्त स्कूल हैं। अखिलेश सरकार ने सत्ता में आने के साथ ही इन स्कूलों में भर्तियां रोक दी थीं।

इसके छह माह पहले विधानसभा चुनाव आचार संहिता के चलते भर्तियां नहीं हो पाई थीं।

मौजूदा समय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। अधिकतर स्कूलों में शिक्षक रिटायर हो चुके हैं और बच्चों को पढ़ाई के लाले लग गए हैं।
विज्ञापन


स्कूल प्रबंधकों के अनुरोध पर भर्ती प्रक्रिया के लिए शासन ने निदेशालय से जिलेवार स्वीकृत पद, उन पर तैनाती और रिक्तियों का ब्यौरा मांगा था।

शासन के बार-बार निर्देश के बाद भी बेसिक शिक्षा निदेशालय ने ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया। शासन में विगत दिनों इस संबंध में बैठक हुई तो पता चला कि मात्र 27 जिलों का ही ब्योरा निदेशालय ने दिया है।
विज्ञापन


इसके बाद फिर से निदेशालय से ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें