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यहां पढ़ने वालों को हॉस्टल में रहना होगा जरूरी

Sun, 27 Apr 2014 10:19 AM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
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जुलाई महीने में बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के रूप में गुड़गांव को पहली रेजीडेंसियल यूनिवर्सिटी मिलेगी।
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दाखिला लेने वाले सभी छात्रों को यूनिवर्सिटी में ही रहना अनिवार्य होगा। गुड़गांव के छात्रों को भी यूनिवर्सिटी कैंपस में ही रहना होगा।

गौरतलब है कि मार्च में हरियाणा विधानसभा द्वारा हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2014 के तहत बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी के लिए अधिनियम पारित किया गया था।

प्रबंधन का दावा है कि यूनिवर्सिटी में हर दिन सात घंटे की पढ़ाई होगी। वहीं, लैब और लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहेगी। छात्र अपनी सुविधा अनुसार लैब और लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। इनके लिए शिक्षक भी मौजूद रहेंगे।
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रेजीडेंसियल यूनिवर्सिटी के तहत सभी छात्रों के रहने के पीछे तर्क यह है कि क्लास के बाद भी छात्रों के लिए कई गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। छात्र अपने घर या बाहर रहेंगे तो इन गतिविधियों से महरूम हो जाएंगे।
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यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग छात्रों के अलावा आईआईटी व पॉलिटेक्निक के छात्रों व कामकाजी लोगों के लिए भी विशेष तैयारी की है।

वहीं, इंजीनियरिंग छात्रों को हुनरमंद बनाने के लिए भी अलग से कोर्स मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसमें छात्रों को पहले वर्ष के बाद 10 दिन, दूसरे वर्ष के बाद 8 सप्ताह और चौथे वर्ष में 22 सप्ताह की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होगा।

बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी का सफरनामा
-दो पहिया बनाने वाली कंपनी हीरो ग्रुप की शैक्षणिक इकाई
-तीन साल पहले यूनिवर्सिटी शुरू करने का काम शुरू हुआ
-मौजूदा समय में देश में 11 सीबीएसई स्कूल संचालित, लुधियाना में एक मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज और दो बिजनेस कॉलेज संचालित
-2014 में गुड़गांव में ग्रुप का पहला स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी

इस साल ये कोर्स शुरू होंगे
-बीटेक मैकेनिकल, इलेक्ट्रीकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन और कंप्यूटर साइंस
-बीकॉम, बीबीए और एमबीए
-प्रत्येक कोर्स में 60 सीटें
-इंजीनियरिंग में जेईई, एमबीए के लिए राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा और बीकॉम में मेरिट पर होगी दाखिला

अगले साल शुरू होने वाले कोर्स
-आर्किटेक्चर
-कानून
-फैशन डिजाइनिंग
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