पंजाब यूनिवर्सिटी के एक्स स्टूडेंट्स की टीम को ब्लड डोनर पर ऐप डेवलप करने पर दुनियाभर में टॉप स्थान मिला है। आईटी एक्सपर्ट मुनीष जौहर की टीम 'द चंडीगढ़ हब' ने 30 लाख रुपये का इनाम जीता है। मुनीष जौहर ने बताया कि ग्लोबल शेपर्स हब के तहत विश्व भर से कुल 400 हब पंजीकृत हैं।
इसी के तहत उन्होंने चंडीगढ़ का हब रजिस्टर्ड कराया था। इसके12 सदस्य हैं। चंडीगढ़ हब ने ब्लड डोनर्स और मरीजों के बीच लिंक स्थापित करने वाली एप्प का आइडिया डेवलप किया। इसी के आधार पर ब्लड डोनर एप्प बनाकर वर्ल्ड इकोनॉमिक फॉर्म चैलेंज के लिए प्रपोज किया।
चैलेंज के लिए विश्व भर से कुल 12 सौ एंट्री आई। जिसमें से 40 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया गया। बाद में इन टीमों से चंडीगढ़ की टीम को फर्स्ट पॉजीशन मिली। चैलेंज में प्रथम विजेता को 50 हजार डॉलर यानि 30 लाख रुपये और उसके बाद के पांच विजेताओं को 10-10 हजार डॉलर का इनाम मिला।
पीयू से पासआउट
वर्ष 2000 में मुनीष जौहर पीयू से कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स की डिग्री कर चुके हैं। कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के शिक्षक आरके सिंगला ने बताया कि मुनीष बहुत ब्राइट स्टूडेंट रहे हैं। मुनीष ग्रेसैल टेक्नालॉजी एक्सपोर्ट्स के सीईओ हैं।
इनकाइंड एप बना रहे
मुनीष जौहर ने बताया कि ब्लड डोनर एप्प के बाद अब वह इकाइंड एप्प डेवलप करने में जुटे हैं। यह एप्प विभिन्न एनजीओ को लाभार्थियों से जोड़ेगा। जिससे लाभार्थियों को सीधी मदद मिल सकेगी।
हब में सभी युवा टैलेंट
मुनीष ने बताया कि चंडीगढ़ हब में सभी युवा सदस्य हैं। जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष तक है। उन्होंने इन्हीं युवा माइंड्स को लीड किया। सही दिशा में उचित प्रयास से यह उपलब्धि हासिल हुई है।