एलयू में पीजी में लॉ कोर्सेज में दाखिले के लिए सबसे ज्यादा मारामारी है। एलएलबी व एलएलएम कोर्सेज में कुल 350 सीटों पर दाखिले के लिए अभी तक 1072 फार्म आ चुके हैं।
यानी इन कोर्सेज में दाखिले के लिए हर सीट पर अभी तीन स्टूडेंट के बीच मुकाबला है।
इसी तरह एमकॉम की 380 सीटों के मुकाबले 1137 आवेदन फार्म आए हैं। ऐसे में इसमें भी करीब हर सीट पर तीन स्टूडेंट्स के बीच मुकाबला है।
इसके बाद एमएससी में 596 सीटों के मुकाबले 1767 आवेदन आए हैं। इस कोर्स में भी हर सीट पर करीब तीन स्टूडेंट के बीच मुकाबला है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में पीजी कोर्सेज में दाखिले के समन्वयक प्रो. वाई के शर्मा ने बताया कि लॉ कोर्सेज, एमकॉम और एमएससी कोर्सेज में दाखिले के लिए इस बार सबसे ज्यादा मारामारी है।
इन कोर्सेज में दाखिले के लिए हर सीट पर करीब तीन स्टूडेंट के बीच मुकाबला है। सीट और फार्म की संख्या के हिसाब से लॉ कोर्सेज में ज्यादा फार्म आए हैं।
इसके बाद दूसरे नंबर पर एमकॉम कोर्स हैं और तीसरे नंबर पर एमएससी कोर्सेज चल रहे हैं। इस बार एमए कोर्सेज में दाखिले के लिए फार्म कुछ कम आ रहे हैं। मगर इसमें भी 2065 सीटों के मुकाबले 2605 फार्म आए हैं।
एमए में पॉपुलर कोर्सेज में दाखिले के लिए मारामारी है। डिप्लोमा कोर्सेज में उतने आवेदन फार्म नहीं आए हैं जितनी उम्मीद थी।
प्रो. शर्मा कहते हैं कि एमएससी कोर्सेज में बायोकेमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री, एनवॉयरमेंटल व मैथ्स में दाखिले के लिए फार्म अधिक आ रहे हैं।
एमए सोशियोलॉजी में 435 आवेदन फार्म, एमए में पॉलिटिकल साइंस में 259, एमए उर्दू में 214, एमए इकोनॉमिक्स में 333, एमए हिंदी में 209 आवेदन फार्म आए हैं।
यह कोर्स सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। पीजी डिप्लोमा कोर्सेज में दाखिले के लिए उपलब्ध 665 सीटों के मुकाबले 207 आवेदन फार्म ही आए हैं।
प्रोफिशिएंसी कोर्सेज में दाखिले के लिए 320 सीटों के मुकाबले मात्र 46 आवेदन ही आए हैं।