बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में पारदर्शिता के लिए अब परीक्षा की कॉपियां जांचने के बाद क्लास रूम में दिखाई जाएंगी। स्टूडेंट्स काउंसिल के सुझाव पर बीबीएयू प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
बॉयोटेक विभाग ने तो अपने यहां एमएससी के सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियां क्लासरूम में दिखाना भी शुरू कर दिया है। बाकी सभी विभाग अपने-अपने स्टूडेंट्स को कॉपियां दिखाएंगे।
इसके पीछे मकसद है कि कॉपियों के मूल्यांकन में पूरी तरह पारदर्शिता हो और स्टूडेंट्स को नंबरों पर आपत्ति होने पर तत्काल समाधान हो सके। स्टूडेंट्स को कॉपियां देखने के लिए अब सूचना के अधिकार का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
बीबीएयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एमवाई खान ने बताया कि स्टूडेंट्स काउंसिल की मांग थी कि परीक्षा से जुड़े सभी कार्यों में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाए। ऐसे में जो शिक्षक कॉपी जांचे, वही क्लास में कॉपियां दिखाए।
उन्होंने कहा कि कई बार स्टूडेंट्स गलतफहमी में भी आरोप लगा देते हैं, उनका यह कन्फ्यूजन भी दूर हो जाएगा और अगर कहीं कोई चूक हुई होगी तो उसका तत्काल समाधान भी हो जाएगा।
प्रो. खान कहते हैं कि स्टूडेंट्स काउंसिल की यह मांग तत्काल पूरी करते हुए कॉपियां दिखाने की बॉयोटेक विभाग से शुरूआत कर दी है। आगे सभी विभाग स्टूडेंट्स को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाएंगे।
ऐसे में अब स्टूडेंट्स को सूचना के अधिकार के तहत कॉपियां देखने के लिए आवेदन नहीं करना होगा।
स्टूडेंट काउंसिल का मानना है कि अगर परीक्षा के पूरे सिस्टम में ही अधिक से अधिक पारदर्शिता बरती जाएगी तो खुद स्टूडेंट्स को शिकायत नहीं रहेगी। फिलहाल, स्टूडेंट्स इस नई व्यवस्था को लेकर काफी खुश हैं।
एलयू में अभी 300 रुपये देकर स्टूडेंट सूचना के अधिकार के तहत केवल कॉपियां देख सकता है। वह कॉपियों में सिर्फ नंबरों का टोटल गलत होने पर उसे सही करवा सकते हैं, बाकी मूल्यांकन पर सवाल नहीं उठा सकते हैं।
कई बार कॉपियां देखने के बाद स्टूडेंट सवाल न चेक होने का भी मुद्दा उठाते हैं और गलत मूल्यांकन पर हंगामा करते हैं। ऐसे में अब स्टूडेंट्स की समस्या पर विचार किया जा रहा है।
उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) पांच हजार रुपये लेकर चैलेंज इवैल्यूएशन करवाता है। अगर कॉपी में नंबर बढ़े तो वह पांच हजार रुपये की पूरी रकम वापस कर देता है।
अब इसी तर्ज पर एलयू भी व्यवस्था करने पर विचार कर रहा है, यहां पर चैलेंज इवैल्यूएशन की फीस कम होगी।