बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में लापरवाही का आलम यह है कि यूजी व पीजी के कई विषयों का रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है।
इससे सबसे ज्यादा परेशानी फाइनल ईयर के छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। जो रिजल्ट के इंतजार में हैं और आगे की पढ़ाई के लिए कई आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसे में उनके भविष्य के साथ बीबीएयू खिलवाड़ कर रहा है। इसके अलावा पीजी के फर्स्ट व सेकंड ईयर के परिणाम जारी किए बगैर ही अगला सत्र शुरू कर दिया गया है।
बिना परिणाम जाने ही छात्र-छात्राएं अगली कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, यूजी में भी यही हाल है, फर्स्ट ईयर के छात्र बिना रिजल्ट के ही सेकंड ईयर की क्लास ले रहे हैं।
मालूम हो कि पिछले वर्ष से ही यहां स्नातक स्तरीय कोर्स शुरू हुए हैं। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में 45 पाठ्यक्रमों की परास्नातक स्तर पर पढ़ाई होती है।
वहीं, स्नातक स्तरीय कोर्स भी पिछले वर्ष से ही शुरू हुए हैं। विवि प्रशासन की लापरवाही इस कदर है कि जुलाई के अंत तक कई विषयों के रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं।
जबकि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार जून तक सभी पाठ्यक्रमों के रिजल्ट आ जाने चाहिए। अभी तक केवल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूल फॉर सोशल साइंसेज के तहत आने वाले इकोनॉमिक्स, सोशियोलॉजी और पॉलीटिकल साइंस विषय के परीक्षाफल ही जारी हुए हैं।
सबसे बुरा हाल साइंस फैकल्टी के विषयों का है। स्कूल फॉर एंवार्यमेंटल साइंस, स्कूल फॉर इंफार्मेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल फॉर बायो साइंस एंड बायो टेक्नोलॉजी जैसे कई संकायों के परिणाम नहीं आए हैं।
परीक्षाफल घोषित न होने के कारण फर्स्ट इयर के उन स्टूडेंट्स को काफी परेशानी है, जिनका पहले सेमेस्टर में रिजल्ट खराब हुआ था।
इस साल रिजल्ट न आने से वो सेकंड ईयर में वे अपनी पढ़ाई को लेकर सशंकित हैं। सबसे बुरा हाल लास्ट इयर का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स का है।
लास्ट इयर के स्टूडेंट्स परीक्षाफल न आने के कारण आगे की कक्षा में दाखिला नहीं ले पाए हैं। लास्ट इयर के स्टूडेंट्स के अनुसार विश्वविद्यालय की लेटलतीफी की वजह से वेे इस साल आगे की पढ़ाई के लिए कहीं भी अप्लाई नहीं कर पाए हैं।
शैक्षिक सत्र पिछड़ना है मुख्य वजह
बीबीएयू में बीते साल सितंबर से अक्टूबर माह तक दाखिला प्रक्रिया चली थी। दाखिला प्रक्रिया देर तक चलने के कारण पढ़ाई देर से शुरू हुई। पढ़ाई पिछड़ने के कारण परीक्षाएं भी काफी देर शुरू से हुई थीं। ऐसे में रिजल्ट निकलने में काफी देरी हो रही है।