लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्ष 2010 के बाद ऐसे तीन दर्जन से ज्यादा स्टूडेंट्स को एक मौका और दिया है, जो अंतिम वर्ष की परीक्षा में एक या दो पेपर में फेल थे।
यह फैसला गुरुवार को आयोजित हुई परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया।
लविवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय के पास ऐसे बहुत से स्टूडेंट्स ने आवेदन किया था।
जिनका अंतिम वर्ष पूरा हो चुका था। बावजूद कुछ पेपर बैक में उनकी बैक लगी हुई है।
सामान्य अवस्था में ऐसे स्टूडेंट्स को डिग्री नहीं दी जा सकती है और ना ही निश्चित अवधि के बाद परीक्षा में शामिल होने का मौका।
ऐसे परीक्षार्थियों ने लविवि से बैक पेपर परीक्षा में शामिल करने की मांग की थी। करीब तीन दर्जन मामलों को एलयू की परीक्षा समिति में रखा गया।
परीक्षा समिति के सदस्यों ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए एक और मौका देने का फैसला किया। अब ये छात्र परीक्षा फॉर्म भरकर अगली बैक पेपर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।