आईएमए में पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना को मिले 616 अफसरों में से अधिकतर ऐसे हैं जो पढ़ाई में हमेशा औसत ही रहे।
ऐसे युवा अफसरों ने हाल ही में आए 10वीं, 12वीं के परीक्षा परिणामों में औसत अंक के साथ पास हुए युवाओं के सामने भी एक मिसाल पेश की है। जो युवा परीक्षा परिणामों में औसत अंक आने से थोड़े निराश हैं, वे युवा सैन्य अफसरों को अपना आदर्श मान लें और मेहनत करें तो वे भी कामयाब होकर रहेंगे।
शनिवार को आईएमए में हुई पीओपी के बाद ऐसे तमाम युवा अफसरों से खासकर पढ़ाई के मामले में बात की गई। ज्यादातर ने स्वीकार किया कि वे पढ़ाई में इतने ज्यादा अव्वल तो नहीं थे, लेकिन हमेशा सेना में जाने के लिए उनका सपना उन्हें एक प्रेरणा देता था।
कहा कि पढ़ाई में भले ही औसत अंक हों, लेकिन शारीरिक क्षमताओं और जुनून के दम पर सेना में अधिकारी बने हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सेना में मेधा के साथ जोश और जुनून ज्यादा मायने रखता है।
युवा सैन्य अफसरों की जुबानी
10वीं में 60 प्रतिशत और 12वीं में 64 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। कभी कम अंकों पर हौसला नहीं हारा। आज उसी का नतीजा है कि सेना में अधिकारी बन गया हूं।
- नवनीत बहुगुणा
10वीं में 79.4 और 12वीं में 74.9 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। बावजूद इसके बीटेक के बाद सेना की राह चुनी और सफल हुआ।
- विनीत फर्तयाल
10वीं और 12वीं आरआईएमसी में रहते हुए की। 10वीं में 84 प्रतिशत और 12वीं में 72 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, लेकिन एनडीए के माध्यम से आईएमए तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
- हिमांशु थापा, देहरादून निवासी
स्कूलिंग अलीगढ़ में हुई। 10वीं में 85 प्रतिशत और 12वीं में 82 प्रतिशत अंक हासिल किए। मेरठ से बीटेक करने के बाद सेना तक पहुंचे।
- वैभव यादव, बुलंदशहर निवासी
आर्मी स्कूल से पढ़ाई की। 10वीं में सीबीएसई बोर्ड से 92 प्रतिशत और 12वीं में आंध्र प्रदेश बोर्ड से 94 प्रतिशत अंक हासिल किए। अब सेना में अफसर बनने का सपना पूरा हुआ है।
- ईशान रावत, कोटद्वार निवासी
10वीं में 85 प्रतिशत और 12वीं में 72 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। सेना के प्रति रुचि ने अफसर बना दिया।
- राम सिंह फर्तयाल
ऐसे जा सकते हैं आईएमए तक
आईएमए तक जाने के लिए अंकों की बाध्यता ज्यादातर जगहों पर नहीं है। एनडीए में जाने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है। इसके बाद सीधे आईएमए में राह खुलती है।
आईएमए ग्रेजुएट एंट्री स्कीम (डायरेक्ट एंट्री) से आईएमए पहुंचने के लिए किसी भी विषय में 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन होने के साथ ही एनसीसी का ए ग्रेड के साथ सी प्रमाण पत्र होना चाहिए। यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम से एंट्री के लिए बीटेक पास होना चाहिए।
टीजीएस (इंजीनियर्स) से एंट्री के लिए बीई या बीटेक पास या अपीयरिंग होना चाहिए। टीजीएस इंजीनियर्स (एईसी) से एंट्री के लिए एमए या एमएससी फर्स्ट या सेकेंड डिवीजन से पास होना चाहिए। ऐसे में अंकों की बाध्यता मायने नहीं रखती।