किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की 14 नवंबर को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में दागी चिकित्सकों और रेजीडेंट डॉक्टरों का मुद्दा छाया रहेगा।
छात्राओं और रेजीडेंट डॉक्टरों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों का मामला तो अनुशासनात्मक समिति को जाएगा ही। एमबीबीएस में प्रवेश का धंधा केजीएमयू से चलाने वाले दो चिकित्सकों के केस को भी अनुशासनात्मक समिति को देने की संभावना है।
केजीएमयू की ईसी (कार्यपरिषद) की बैठक में इस बार कई बडे़ मामले रखे जाएंगे। सबसे बड़ा मुद्दा इस बार दागियों से जुड़े सभी मामले अनुशासनात्मक समिति को सौंपने की तैयारी है।
इसी दिन डिसप्लिनरी कमेटी के गठन के लिए नामों पर भी चर्चा की जाएगी। कुलपति प्रो. रविकांत ने बताया कि विशाखा कमेटी ने फिजियोलॉजी विभाग के छात्र मेहताबुद्दीन और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. वरुण सिंगला के खिलाफ कार्रवाई की थी।
दोनों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाने की अनुमति कार्यपरिषद से ली जाएगी। एमबीबीएस में प्रवेश का धंधा चलाने वाले डॉ. केपी सिंह और डॉ. डीके कटियार पर कार्रवाई के लिए भी अनुशासनात्मक समिति को मामला सौंपा जाएगा।
उन्होंने बताया कि समिति एक सेवानिवृत्त जज, एक आईएएस, एक शिक्षाविद, एससी व ओबीसी के प्रतिनिधि, रजिस्ट्रार शामिल होंगे।
इसके अलावा पल्मोनरी मेडिसिन में डीएम पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भी कार्यपरिषद से हरी झंडी मिलने की संभावना है। पेरीफेरल वस्कुलर सर्जरी, थोरेसिक सर्जरी की सुविधा अलग से शुरू की जाएगी। इसके लिए नए पदों का सृजन भी किया जाएगा।