राजधानी के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में पीजी प्रवेश की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। लेकिन जिन अभ्यर्थियों को अब तक प्रवेश नहीं मिला उनके सामने एक मौका अब भी बाकी है। नेशनल पीजी कॉलेज में इस साल से एमवोक के दो कोर्स का संचालन शुरू हो रहा है। इनके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 16 सितंबर है।
खास बात ये है कि जहां अभ्यर्थियों के सामने प्रवेश का मौका बाकी है वहीं इन दोनों कोर्स में उनको ट्यूशन फीस भी नहीं देनी होगी। प्रवेश समन्वयक डॉ. राकेश जैन ने बताया कि एमवोक इन बैंकिंग, स्टॉक एंड इंश्योरेंस और एमवोक इन सॉफ्टवेयर डेवलपेंट एंड ई-गवर्नेन्स दोनों ही रोजगारपरक कोर्स हैं।
इन्हें करने के बाद रोजगार मिलने की पूरी संभावना रहेगी। कॉलेज ने कोर्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने के लिए औद्योगिक इकाईयों से भी संपर्क किया है।
एप्टीट्यूड टेस्ट और साक्षात्कार से होंगे दाखिले
बैंकिंग, स्टॉक एंड इंश्योरेंस के कोर्स में आवेदन के लिए बीकॉम, बीबीए, बीबीए एमएस, बीए इकोनॉमिक्स, एमकॉम और एमए इकोनॉमिक्स उत्तीर्ण होना जरूरी है। वहीं सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एंड ई-गवर्नेन्स कोर्स में बीसीए, बीएससी आईटी, बीएससी सीएस, बीएससी मैथ्स, बीटेक सीएस, आईटी, ईसी और एमसीए व एमटेक उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को एप्टीट्यूड टेस्ट और साक्षात्कार से गुजरना होगा। डॉ. जैन ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसी आधार पर 22 सितंबर को एप्टीट्यूड टेस्ट होगा जिसमें 20 सवालों के जवाब देने होंगे।
एप्टीटयूड टेस्ट में शॉर्ट लिस्ट अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान साक्षात्कार का सामना करना होगा। इसका उद्देश्य है कि कोर्स में केवल वही अभ्यर्थी प्रवेश पाएं जिन्हें इसमें रुझान है। केवल डिग्री के लिए ही कोई इसमें प्रवेश न ले। दोनों ही कोर्स में 30-30 सीटों पर प्रवेश किए जाएंगे।
आवेदन फॉर्म 600 रुपये का है। वोकेशनल कोर्स होने के चलते इनमें मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था है। जैसे यदि छात्र-छात्राएं एक साल का कोर्स करने के बाद पढ़ाई छोड़ते हैं तो उनको पीजी डिप्लोमा और कोर्स पूरा होने पर एमवोक की डिग्री मिलेगी।
इसी तरह यदि कोई पीजी डिप्लोमा लेने के बाद पढ़ाई छोड़कर कुछ साल बाद दोबारा प्रवेश लेता है तो एक साल बाद एमवोक की डिग्री मिल जाएगी।