अंबेडकर यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2015-16 के तहत दाखिला प्रक्रिया 20 जून तक चलेगी। छात्रों को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया मिलेगी।
हालांकि ऑफलाइन आवेदन पत्र छात्र कश्मीरी गेट स्थित कैंपस में ही भर सकते हैं। खास बात यह है कि देशभर के सेंट्रल यूनिवर्सिटी में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम 2015 में शुरू हो रहा है लेकिन अंबेडकर विश्वविद्यालय में इस पैटर्न पर वर्ष 2008 से पढ़ाई करवायी जा रही है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्याम बी मेनन ने सोमवार को शैक्षणिक सत्र में दाखिला प्रक्रिया की घोषणा करते हुए बताया कि सात ग्रेजुएशन व 17 पोस्ट ग्रेजुएशन में ऑनर्स कोर्स की सुविधा उपलब्ध है।
प्रो. मेनन के मुताबिक, बिट्स पिलानी से दो साल पहले एक छात्र ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत पढ़ाई की थी, जिसमें इंजीनियरिंग के छात्र ने सीबीसीएस के तहत इकोनोमिक्स पढ़ने की ईच्छा जतायी थी और डिग्री भी ली।
इस मामले में खास यह था कि इकोनोमिक्स पढ़ने वालों को गणित की जानकारी जरूरी है, उक्त छात्र को भी आता था, जिसके चलते उसे पढ़ने की इजाजत दे दी। कुलपति के मुताबिक, वर्ष 2020 तक उनका धीरपुर और रोहिणी में दोनों कैंपस बनकर तैयार हो जाएंगे, जिस पर पंद्रह सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।