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लॉ एंट्रेंस पेपर लीक मामले में ये नया विवाद

Sat, 05 Jul 2014 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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9 जून को पंजाब यूनिवर्सिटी में तीन वर्षीय लॉ एंट्रेंस टेस्ट पेपर लीक मामले में फिर से नया विवाद शुरू हो गया है। इस मामले का खुलासा करने वाले शिक्षक के खिलाफ ही इंडियन नेशनल स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
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इनसो नेता अनिल घनघस ने कहा कि यूआईएलएस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनेटर अजय रंगा जिस सेंटर में ड्यूटी दे रहे थे, उसी में उनका भाई एलएलबी एंट्रेंस टेस्ट दे रहा था। जबकि पीयू नियमों के तहत कोई भी प्रोफेसर का रिश्तेदार परीक्षा दे रहा हो तो वह परीक्षा में ड्यूटी नहीं दे सकता, लेकिन डा.अजय रंगा ने यह तथ्य पीयू प्रशासन से छिपाया है। इस मामले में जांच की जानी चाहिए।

अनिल ने कहा कि लॉ एंट्रेंस टेस्ट 9.30 बजे शुरू हो चुका था, जबकि उन्होंने इसकी जानकारी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को 11.15 पर दी। पूरे मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए। इस संबंध में इनसो ने शुक्रवार को वीसी दफ्तर में मामले की जांच के लिए ज्ञापन भी दिया।
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मेरा भाई आर्ट्स ब्लॉक-3 में पेपर दे रहा था, जबकि मेरी ड्यूटी यूआईएलएस इमारत में थी। मेरी नॉलेज में यह नहीं था कि भाई पेपर दे रहा हो तो इसकी जानकारी पीयू प्रशासन को देनी जरूरी है। लॉ विभाग के एक प्रोफेसर के स्टूडेंट ही जानबूझकर मामले को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इनसो छात्र नेता क्यों नहीं मामले की जांच की मांग करते। मुझ पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
डा.अजय रंगा (असिस्टेंट प्रोफेसर यूआईएलएस और सीनेटर पंजाब यूनिवर्सिटी)

इस संबंध में मेरे पास अभी कोई जानकारी नहीं आई है। अगर किसी शिक्षक का रिश्तेदार एग्जाम दे रहा हो तो उसकी ड्यूटी उस बिल्डिंग या सेंटर में नहीं लग सकती, लेकिन अजय रंगा की ड्यूटी अलग इमारत में थी, इसमें कोई आपत्ति की बात नहीं है।
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प्रो.एके भंडारी (डीयूआई और रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी पीयू) 
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