बीएड कॉलेजों की सीटें न भरने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी
जिम्मेदार है।
विश्वविद्यालय ने बीएड काउंसलिंग के लिए न तो पर्याप्त
प्रचार-प्रसार किया और न ही बैंकों के साथ आयोजन समिति से जुड़े लोगों का
कोई तालमेल रहा।
इसके चलते ज्यादातर अभ्यर्थियों को काउंसलिंग का पता ही
नहीं चल सका। ये आरोप स्ववित्तपोषित
महाविद्यालय प्रबंधक महासभा ने लगाए हैं।
महासभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश
पांडे ने कहा कि ये मुद्दा एक अगस्त को दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज में आयोजित
महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में भी उठाया जाएगा।
इसके अलावा
उन्होंने राज्य सरकार से सत्र 2012-13 के बीएड छात्रों की शुल्क
प्रतिपूर्ति तत्काल छात्रों के खातों में जमा करने की मांग की है।