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UPMT पेपर रद्द : कोई खुश, कोई दुखी, कोई असमंजस में

Tue, 16 Jun 2015 02:56 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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एमबीबीएस व बीडीएस में दाखिले को आयोजित हुई एआईपीएमटी (ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट) के रद्द होने की दून में मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है।
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कुछ युवा तो इस परीक्षा को दोबारा कराने पर खुश हैं तो कुछ ऐसे भी हैं जो कि अब यूपीएमटी (उत्तराखंड प्री मेडिकल टेस्ट) और एआईपीएमटी के बीच असमंजस में हैं। एआईपीएमटी रद्द होने के बाद अब युवा नए सिरे से इस परीक्षा की तैयारियों में जुट गए हैं। दून स्थित केंद्र पर हुई परीक्षा में करीब आठ हजार युवा शामिल हुए थे।

एक अभ्यर्थी नितिन का कहना है उनका पेपर अच्छा हुआ था। उन्हें यूपीएमटी से ज्यादा एआईपीएमटी से उम्मीदें थी। यूपीएमटी में उनकी रैंक अच्छी नहीं आई। अब वे दोबारा तैयारी में जुट गए हैं। एक अन्य अभ्यर्थी माधव का यूपीएमटी में सेलेक्शन हो गया है। उनका कहना है कि एआईपीएमटी में भी उनकी अच्छी रैंक आने वाली थी।
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अब वह इस असमंजस में हैं कि यूपीएमटी में जाएं या एआईपीएमटी की तैयारी करके अच्छी रैंक का इंतजार करें। कई अभ्यर्थियों को इस बात की चिंता है कि कहीं यूपीएमटी में मिला चांस भी उनका एआईपीएमटी के इंतजार में चला न जाए।
एक अभ्यर्थी विकास नेगी का कहना है कि उन्होंने पूरी तैयारी से एआईपीएमटी दी थी लेकिन ‘आंसर की’ के हिसाब से उनका स्कोर काफी नीचे जा रहा था। अब दोबारा मौका वह चूकना नहीं चाहते। पूरी तैयारी से जुट गए हैं।

कोचिंग संस्थानों में भी बढ़ी हलचल
एआईपीएमटी रद्द होते ही दून के कोचिंग संस्थानों में भी हलचल शुरू हो गई। कई संस्थानों में खबर प्रसारित होते ही अभिभावकों और छात्रों के फोन आने शुरू हो गए। संस्थान संचालकों के मुताबिक अब वे नए सिरे से अपने छात्रों की एआईपीएमटी तैयारी में जुट गए हैं।

यूपीएमटी में मुश्किल हुआ मुकाबला
एआईपीएमटी रद्द होने का असर अब यूपीएमटी पर पड़ने वाला है। होनहार भी अपनी सीट बचाए रखने के लिए यूपीएमटी में हिस्सा ले सकते हैं। इससे ज्यादा रैंक वाले उन युवाओं के लिए मुश्किलें हो जाएंगी जो होनहारों के पलायन की वजह से दाखिले की दौड़ में थे।

सोमवार को सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद से ही होनहारों के लिए यूपीएमटी के संबंध में कशमकश शुरू हो गई। हर साल यूपीएमटी में शीर्ष 20 में आने वाले अभ्यर्थियों में से करीब दस एआईपीएमटी या एम्स की प्रवेश परीक्षा से ऑल इंडिया कोटे की सीटों पर दाखिला ले लेते हैं।

इस साल भी यूपीएमटी में अच्छी रैंक लाने वाले कई होनहारों ने एआईपीएमटी में अच्छी रैंक आने पर वहीं जाने की बात कही थी। लेकिन अब परीक्षा रद्द होने और दोबारा कराने के मसले पर होनहार चिंता में हैं। वह अपना साल खराब करना नहीं चाहते।

लिहाजा एआईपीएमटी से सीट का इंतजार करने से पहले वे यूपीएमटी से मिली सीट पर दाखिला लेने की योजना बना रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इस साल मुकाबला और मुश्किल होने वाला है। यूपीएमटी में सामान्य अभ्यर्थी को 125 रैंक तक ही कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा।

एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से जल्द ही यूपीएमटी की काउंसिलिंग तिथि घोषित होने जा रही है। ऐसे में होनहारों के यहां आने पर ज्यादा रैंक वाले तमाम अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा रहेगी। हालांकि यूपीएमटी में टॉप करने वाले मानसी सिंह, दीपांक चौधरी, वैशाली यादव का कहना है कि वह अभी पूरा रिजल्ट आने के बाद ही तय कर पाएंगे कि कहां जाना है।

यूपीएमटी में खराब प्रदर्शन वालों के लिए अच्छा मौका
परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी का कहना है कि नए सिरे से परीक्षा होने पर तमाम युवाओं के लिए अच्छा मौका है। विशेषज्ञ डीके मिश्रा भी इस बात से सहमत हैं और उनका कहना है कि अब यूपीएमटी में मुकाबला वास्तव में मुश्किल हो सकता है।

विशेषज्ञ मनु पंत का कहना है यूपीएमटी के कुछ होनहार अभी एम्स में भी जा सकते हैं। विशेषज्ञ वैभव राय के मुताबिक यूपीएमटी में होनहारों के आने के बाद निश्चित तौर पर तमाम ऐसे अभ्यर्थी हैं जो कि दौड़ से बाहर हो सकते हैं, लेकिन उनके पास एआईपीएमटी में अपनी किस्मत चमकाने का मौका है।

यूपीएमटी काउंसिलिंग : 25 जून तक पहला राउंड
उत्तराखंड में एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए पहले चरण की यूपीएमटी काउंसिलिंग 25 जून तक समाप्त हो जाएगी। एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने बताया कि वह 19 जून तक काउंसिलिंग की तिथियां घोषित कर देंगे।

यूपीएमटी से प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिला मिलने वाला है। पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी ने यूपीएमटी कराई थी और इसकी काउंसिलिंग पहली बार ऑनलाइन कराने जा रही है। डॉ. रावत ने बताया कि ऑनलाइन काउंसिलिंग होने के नाते इस बार प्रदेश भर के यूपीएमटी चयनितों को देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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वे घर बैठकर भी ऑनलाइन सीट की च्वाइस भर सकते हैं। सीट आवंटन की पूरी जानकारी छात्र को मोबाइल एसएमएस और ईमेल से भी दी जाएगी। 25 जून तक अलॉटमेंट और दाखिले होने के बाद बची हुई सीटों के लिए द्वितीय चरण की काउंसिलिंग कराई जाएगी।

सीटों का गणित
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी : 85(एमबीबीएस)
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर : 85(एमबीबीएस)
एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, देहरादून : 25(एमबीबीएस)
उत्तरांचल डेंटल कॉलेज, देहरादून : 50(बीडीएस)
सीमा डेंटल कॉलेज, ऋषिकेश : 50(बीडीएस)
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